सीएम से मिलकर खूब बोली जमुई कांड पीड़िता की मां,पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हूं
जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पीड़िता के परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास पर पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया. मुलाकात के बाद पीड़िता की मां ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष जताया.पीड़िता की मां ने कहा कि घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की. उनके मुताबिक, 24 से 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी नंदन यादव के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि बेटी के साथ जो हुआ, वह बेहद गलत था, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद परिवार को राहत मिली है.

पीड़िता की मां के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने उनकी बेटी को अपनी बेटी की तरह समझाते हुए बिना डर के आगे बढ़ने और पढ़ाई जारी रखने का भरोसा दिया. परिवार को यह भी आश्वासन दिया गया कि आगे किसी तरह की परेशानी होने पर सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी. पीड़िता के परिवार का कहना है कि पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई की है, उससे उनका कानून-व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है. परिवार चाहता है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा दिलाई जाए.मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान 22 सितंबर को मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के पैर में गोली लगी. पुलिस के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के दौरान मुठभेड़ हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया और गिरफ्तार किया गया. उसके साथ एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया. इससे पहले पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी. पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की है. जांच टीम वीडियो फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार को भरोसा दिया है कि मामले में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा. जिला प्रशासन की ओर से भी कोर्ट से समन्वय कर मामले की सुनवाई तेजी से कराने की तैयारी की जा रही है. जमुई के इस मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित किए जाने को लेकर भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है.अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला वीडियो या उससे जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर शेयर न करें. पुलिस ने ऐसे कई सोशल मीडिया अकाउंट और प्रोफाइल के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है. मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस बाकी संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है. साथ ही, सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान से जुड़ी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है.