संसद के शीतकालीन सत्र का आज अंतिम कार्यदिवस है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) का नाम बदलने के लिए सरकार ने विकसित भारत- जी राम जी विधेयक (वीबी-जी राम जी बिल) पारित करा लिया है। मनरेगा की जगह लेने वाले वीबी-जी राम जी बिल पर लोकसभा में बृहस्पतिवार को जमकर बयानबाजी हुई। कृषि मंत्री शिवराज ने दो टूक कहा कि कांग्रेस नीत तत्कालीन यूपीए सरकार ने चुनावी लाभ के लिए मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम जोड़ा था। शिवराज चौहान ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा, पहले भी इस योजना के नाम में महात्मा गांधी शब्द नहीं था। यूपीए सरकार को 2009 में चुनाव के समय जब बापू की याद आई तो नरेगा को मनरेगा कर दिया। कृषि मंत्री ने कहा कि इस योजना पर यूपीए सरकार के दस साल के कार्यकाल में 2.13 लाख करोड़ की तुलना में मोदी सरकार के कार्यकाल में 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए।कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने विकसित भारत जी राम जी विधेयक को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने 20 साल के मनरेगा को एक दिन में खत्म कर दिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने विकसित भारत जी राम जी विधेयक को बिना ठीक से जांच पड़ताल किए संसद से पारित करवा दिया। राहुल गांधी ने मनरेगा की जगह लाए गए नए विधेयक विकसित भारत जी राम जी को गांव विरोधी करार दिया और कहा ‘पीएम मोदी के लक्ष्य साफ हैं, ग्रामीण भारत, खासकर पिछड़े वर्ग की ताकत को कमजोर करना, सत्ता का केंद्रीकरण करना और फिर नारों को सुधार के तौर पर बेचना।’ सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, ‘बीती रात मोदी सरकार ने 20 साल के मनरेगा को एक दिन में ध्वस्त कर दिया। इसने अधिकार आधारित, मांग आधारित गारंटी को खत्म कर दिया है और इसे एक राशन वाली योजना में बदल दिया है, जिसे दिल्ली से कंट्रोल किया जा सकता है। यह डिजाइन से ही राज्य विरोधी और गांव विरोधी है।’