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मोदी सरकार लॉन्च करने जा रही है बड़ी योजना,सड़क दुर्घटना में 1.5 लाख रुपये का होगा ‘कैशलेस इलाज’

मोदी सरकार लॉन्च करने जा रही है बड़ी योजना,सड़क दुर्घटना में 1.5 लाख रुपये का होगा ‘कैशलेस इलाज’
  • PublishedJanuary 9, 2026

देश में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. इन दुर्घटनाओं में 1.8 लाख लोगों की जान चली जाती है. मरनेवालों में बहुत से ऐसे लोग शामिल होते हैं, जिनकी इलाज के अभाव में मौत हो जाती है. समय रहते इलाज मिल जाए तो सैकड़ों जानें बचाई जा सकेंगी. इलाज में एक समस्‍या आती है, पैसों की. इलाज में मोटा पैसा लगा तो देगा कौन, कई बार रिश्‍तेदार साथ नहीं होते, होते हैं तो उनके पास उतने पैसे नहीं होते. ऐसी ही समस्‍याओं का समाधान लेकर आने वाली है, केंद्र सरकार. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही देशभर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज की योजना लॉन्‍च करेंगे. इसका पायलट प्रोजेक्‍ट पहले से ही है, जबकि पीएम मोदी जल्‍द योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे.गडकरी ने कहा, ‘यह योजना सड़क दुर्घटनाओं में समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने से होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से लाई जा रही है.’ इस बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा, व्यापार सुगमता और वाहन नियमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई.

ये योजना किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी. मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली किसी भी सड़क दुर्घटना का शिकार व्यक्ति इस योजना के प्रावधानों के अनुरूप ‘कैशलेस’ इलाज का हकदार होगा. कैशलेस उपचार मिलने से सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को समय पर इलाज मिलने की राह आसान होने की संभावना है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने 14 मार्च, 2024 को चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को नकद-रहित उपचार उपलब्ध कराने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की थी. बाद में इस परियोजना का विस्तार छह राज्यों तक कर दिया गया था. सड़क परिवहन मंत्रालय की ‘सड़क दुर्घटना पीड़ितों की कैशलेस उपचार योजना, 2025’ के तहत प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों की अवधि के लिए प्रति दुर्घटना 1.5 लाख रुपये तक का नकद-रहित इलाज प्रदान किया जाएगा. मार्च, 2024 में पायलट परियोजना शुरू होने के बाद से अब तक आए कैशलेस उपचार अनुरोधों में से करीब 20 प्रतिशत मामलों को अस्वीकार किया गया है. गडकरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया था कि कुल 6,833 उपचार अनुरोधों में से 5,480 पीड़ित पात्र पाए गए, जबकि शेष मामलों को पुलिस द्वारा खारिज कर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि मोटर वाहन दुर्घटना कोष के तहत अब तक 73,88,848 रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है.

Written By
Aagaaz Express

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