आज मनाई जा रही है सरस्वती पूजा,जानें मंत्र और आरती
बसंत पंचमी, जिसे वसंत पंचमी या सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है, वसंत ऋतु के स्वागत का पर्व है। यह पर्व ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और तकनीकी विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस दिन वातावरण में उल्लास, नई ऊर्जा और सीखने की भावना दिखाई देती है।‘बसंत’ का अर्थ है वसंत ऋतु और ‘पंचमी’ माघ माह की शुक्ल पक्ष की पाँचवीं तिथि को दर्शाती है। यह पर्व आमतौर पर जनवरी या फरवरी में मनाया जाता है। आइए जानते हैं बसंत पंचमी 2026 से जुड़ी पूरी जानकारी।
बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त:-
द्रिक पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 6:46 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक
मुहूर्त की कुल अवधि: लगभग 5 घंटे 45 मिनट
पंचमी तिथि आरंभ: 23 जनवरी को सुबह 2:28 बजे
पंचमी तिथि समाप्त: 24 जनवरी को सुबह 1:46 बजे

मां सरस्वती के पूजन मंत्र:-
ॐ सरस्वत्यै विद्महे, ब्रह्मपुत्र्यै धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
या देवी सर्वभूतेषु विद्या रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
सरस्वती मां की आरती:-
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता.
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता.
ॐ जय सरस्वती माता…
चंद्रवदनि पद्मासिनी, ध्रुति मंगलकारी.
सोहें शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी .
ॐ जय सरस्वती माता…
बाएं कर में वीणा, दाएं कर में माला.
शीश मुकुट मणी सोहें, गल मोतियन माला .
ॐ जय सरस्वती माता…
देवी शरण जो आएं, उनका उद्धार किया.
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया .
ॐ जय सरस्वती माता…
विद्या ज्ञान प्रदायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो.
मोह, अज्ञान, तिमिर का जग से नाश करो .
ॐ जय सरस्वती माता…
धूप, दीप, फल, मेवा मां स्वीकार करो.
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो .
ॐ जय सरस्वती माता…
मां सरस्वती की आरती जो कोई जन गावें.
हितकारी, सुखकारी, ज्ञान भक्ती पावें .
ॐ जय सरस्वती माता…
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता.
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता.
ॐ जय सरस्वती माता…
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता.
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता.
ॐ जय सरस्वती माता…