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फ्रांस समेत दुनिया ने AI में माना इंडिया का भविष्य,भूटान के पीएम बोले- PM मोदी बड़े भाई है

फ्रांस समेत दुनिया ने AI में माना इंडिया का भविष्य,भूटान के पीएम बोले- PM मोदी बड़े भाई है
  • PublishedFebruary 19, 2026

नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष राजधानी पहुंच गए. इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी नजदीकियां जाहिर करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने पीएम मोदी के साथ अपनी एआई जेनरेटेड तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसमें दोनों नेता हाथों से दिल बनाते नजर आ रहे हैं. आगे कप रखे हुए हैं. फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ अपनी अनोखी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- जब दोस्त मिलते हैं, तब इनोवेशन होता है. एआई इम्पैक्ट समिट के लिए तैयार हूं!. मैक्रों ने ये भी बताया कि ये तस्वीर एआई की मदद से तैयार की गई है. इस तरह एआई जेनरेटेड फोटो शेयर करके मैक्रों ने न सिर्फ एआई समिट की अहमियत को रेखांकित किया, बल्कि भारत से बढ़ती तकनीकी साझेदारी को भी दर्शाया. ये तस्वीर -फ्रांस के बीच एआई और टेक्नोलोजी इनोवेशन के क्षेत्र में बढ़ते भरोसे का प्रतीक मानी जा रही है.

समिट में आने वाले कई वैश्विक नेताओं से पीएम मोदी ने द्विपक्षीय मुलाकात भी की. स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज के साथ बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों पर बात हुई. दोनों नेताओं ने व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और कई दूसरे जरूरी सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की. प्रधानमंत्री ने बाद में कहा कि बैठक काफी अच्छी रही. इंडिया-स्पेन दोस्ती को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा हुई, खासकर डिफेंस, सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और दूसरे क्षेत्रों में. दोनों देश 2026 को इंडिया-स्पेन ईयर ऑफ कल्चर, टूरिज्म और एआई के तौर पर मना रहे हैं. फिनलैंड के प्रधानमंत्री ओर्पो के साथ विस्तृत चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने भारत-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए समर्थन पर धन्यवाद देते हुए कहा कि यह एफटीए भारत-यूरोप संबंधों में एक स्वर्णिम युग की शुरुआत है. उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड का लक्ष्य व्यापार को दोगुना करना है, जिससे आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी. हमने 6जी, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, जैव ईंधन, वस्तुओं के फिर से उपयोग वाली अर्थव्यवस्था और फ्यूचर की टेक्नोलोजी में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक से मुलाकात की और रक्षा, विनिर्माण, उर्वरक एवं बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की. पीएम ने लिखा कि भारत और सर्बिया कई वर्षों से मिलकर काम कर रहे हैं और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में हमारे संबंधों को और मजबूती मिलेगी. वुसिक ने कहा कि भारत हमारे लिए विश्वसनीय और महत्वपूर्ण साझेदार है. हम आर्थिक आदान-प्रदान को गहरा करना चाहते हैं. हमें दोनों और नागरिकों के बीच दोस्ती पर गर्व है. पीएम मोदी ने कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव से मुलाकात के दौरान राजनीति, व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, उभरती टेक्नोलॉजी और लोगों से लोगों के बीच संबंधों समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की. बाद में पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव के दौरे से भारत-कजाकिस्तान स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और गहरी होगी. दोनो देशों के बीच व्यापार, एनर्जी, जरूरी मिनरल्स, रेयर अर्थ्स, डिफेंस, कनेक्टिविटी और स्पेस में द्विपक्षीय सहयोग की बहुत गुंजाइश है. हम दोस्ती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के समकक्ष दाशो त्शेरिंग से द्विपक्षीय बातचीत की, जिसमें सम्मान आधारित रिश्तों में एआई की भूमिका पर मंथन किया. त्शेरिंग ने पीएम मोदी को बड़ा भाई कहकर एआई समिट के लिए बधाई दी. विदेश मंत्रालय ने लिखा कि दोनों नेताओं ने एनर्जी, कनेक्टिविटी, डेवलपमेंट पार्टनरशिप और लोगों से लोगों के संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की. दोनों नेता एआई और डिजिटल टेक स्पेस में सहयोग को और रफ्तार देने पर सहमत हुए और आपसी साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने का वादा दोहराया. क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘‘क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक के साथ सार्थक चर्चा हुई. हमने प्रौद्योगिकी, नवाचार, जहाज निर्माण, समुद्री अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को गति देने के तरीकों पर चर्चा की. इस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, ‘‘एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस के साथ शानदार बैठक हुई, जिस देश ने टेक्नोलोजी और एआई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. बैठक के दौरान हमने आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की, खासतौर से ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में बात हुई.”

Written By
Aagaaz Express

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