Blog

ईरान-इजराइल जंग पर कांग्रेस ने PM मोदी को घेरा,लगा दिया बड़ा आरोप

ईरान-इजराइल जंग पर कांग्रेस ने PM मोदी को घेरा,लगा दिया बड़ा आरोप
  • PublishedMarch 2, 2026

कांग्रेस ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की स्पष्ट रूप से निंदा करते हुए कहा कि किसी भी बाहरी शक्ति को सत्ता परिवर्तन कराने का अधिकार नहीं है. कांग्रेस ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां साम्राज्यवाद के समान हैं और वे नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी दोहराती है कि प्रत्येक देश के नागरिकों को अपना राजनीतिक भविष्य तय करने का अधिकार है।मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस युद्ध की औपचारिक रूप से घोषणा किए बिना एक सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामेनेई की लक्षित हत्या किए जाने की स्पष्ट रूप से निंदा करती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस गहरे शोक की घड़ी में सर्वोच्च नेता के परिवार, ईरान के लोगों और दुनिया भर के शिया समुदाय के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है.खरगे ने कहा कि हम इस गंभीर संकट में उनके साथ एकजुटता से खड़े हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति संवाद के जरिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के साथ विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की प्रतिबद्धता पर आधारित है, जैसा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 51 में निर्देशित है.वहीं पश्चिम एशिया में तनाव के मद्देनजर कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला किया. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति के सार और तरीकों दोनों के लिए भारी कीमत चुका रहा है.पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कई ऐसे मुद्दों का हवाला दिया, जिनके बारे में उनका दावा था कि वे केंद्र सरकार की कमजोर विदेश नीति को दर्शाते हैं. उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री और उनके करीबी लोग चाहे जितना भी दिखावा करने की कोशिश करें, सच्चाई यह है कि स्वयंभू विश्व गुरु के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है।कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम मोदी ने 25-26 फरवरी 2026 को इजराइल का दौरा ऐसे समय में किया, जब पूरी दुनिया को यह जानकारी थी कि शासन परिवर्तन के उद्देश्य से ईरान पर अमेरिका-इज़राइल का सैन्य हमला आसन्न है. पीएम मोदी के इजराइल से रवाना होने के केवल दो दिन बाद ही यह हमला शुरू हो गया. वहां नेसेट में दिया गया उनका भाषण नैतिक कायरता का शर्मनाक प्रदर्शन था. ईरान पर थोपे गए इस युद्ध के प्रति मोदी सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों, चिंताओं और हितों के साथ विश्वासघात है।

Written By
Aagaaz Express

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *