सोने-चांदी के दामों को लेकर आया बड़ा अपडेट,जानिए कब तक घटेंगे भाव?
विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों की नजर अब अमेरिकी बेरोजगारी दर और जॉबलेस क्लेम्स जैसे आंकड़ों पर रहेगी, जो आगे चलकर मौद्रिक नीति और कीमती धातुओं की कीमतों की दिशा तय करेंगे।पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने सोने और चांदी की कीमतों पर भी काफी असर डाला है। विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार की दिशा मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से तय होगी। उनका मानना है कि अगले सप्ताह सोने और चांदी की कीमतें सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ हल्की मजबूती दिखा सकती हैं। पीटीआई की खबर के मुताबिक, घरेलू स्तर पर निवेशकों की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की इस सप्ताह में आने वाली मौद्रिक नीति पर रहेगी, जो बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकती है।खबर के मुताबिक, जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एवं करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर का कहना है कि आने वाले दिनों में खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम बेहद अहम रहेंगे। क्षेत्र में तनाव बढ़ने या कम होने की किसी भी खबर का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।वैश्विक स्तर पर भी निवेशक कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इनमें प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के सर्विसेज PMI, अमेरिका के ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर, GDP, पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर (PCE) इंडेक्स और उपभोक्ता महंगाई (CPI) के आंकड़े शामिल हैं।पिछले सप्ताह, जो छुट्टियों के चलते छोटा रहा, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून डिलीवरी वाला सोना 2,425 रुपये (1.65%) मजबूत हुआ, जबकि मई डिलीवरी वाली चांदी 4,541 रुपये (2%) चढ़ी। चॉइस ब्रोकिंग के अनुसार, लगातार तीन हफ्तों की गिरावट के बाद सोने और चांदी में रिकवरी देखने को मिली।

इस तेजी के पीछे कई वजहें रहीं- जैसे भारतीय रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचना और बिटकॉइन में कमजोरी, जिससे निवेशकों का रुझान फिर से सुरक्षित निवेश यानी बुलियन की ओर बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख कायम रहा। कॉमेक्स पर जून डिलीवरी वाला सोना 155.4 डॉलर (3.43%) बढ़कर 4,679.7 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी 3.13 डॉलर (4.5%) की बढ़त के साथ 72.92 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्रणव मेर के मुताबिक, सोने की कीमतें लगातार दूसरे सप्ताह मजबूती के साथ बंद हुईं और करीब 4% की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की। चांदी ने भी सोने और अन्य औद्योगिक धातुओं के साथ कदम मिलाकर तेजी दिखाई।विश्लेषकों का यह भी मानना है कि बेहतर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बावजूद सोने-चांदी की कीमतों में मजबूती बनी रही। इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत है और मौजूदा मौद्रिक नीति अभी भी सहायक बनी हुई है। ईटीएफ निवेशकों की बिकवाली और केंद्रीय बैंकों की खरीद में कमी के चलते बीच में दबाव देखने को मिला। लेकिन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर बयान के बाद भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा, जिससे कीमतों में फिर तेज उछाल आया।चॉइस ब्रोकिंग का कहना है कि बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। ईरान द्वारा अमेरिका के शांति प्रस्ताव को खारिज करना और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने का रुख भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। इसके बावजूद मजबूत भौतिक मांग बाजार को सहारा दे रही है। वहीं, चीन में 2026 के शुरुआती दो महीनों के दौरान चांदी का आयात 206.76 मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जो पिछले आठ वर्षों का उच्चतम स्तर है। इससे वैश्विक आपूर्ति पर दबाव और बढ़ सकता है। कुल मिलाकर, विश्लेषकों का मानना है कि अगले सप्ताह सोना और चांदी सीमित दायरे में रहकर हल्की तेजी का रुख बनाए रख सकते हैं।