Blog

भारत का LPG आयात घटकर हो गये आधे,ईरान युद्ध के कारण भारत की डगमगाई स्थिति?

भारत का LPG आयात घटकर हो गये आधे,ईरान युद्ध के कारण भारत की डगमगाई स्थिति?
  • PublishedMay 3, 2026

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध को दो महीने से ज्यादा हो गए हैं. बातचीत की तमाम कोशिशें हुईं लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. अब भी जिस तरह की चीजें हो रही हैं, उससे तो लग रहा है कि हालात सुधरने की बजाय बिगड़ ही सकते हैं. ईरान युद्ध का सबसे ज्यादा असर एशियाई देशों को हो रहा है, क्योंकि 28 फरवरी से जंग शुरू होने के बाद से उसने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है. यह वही संकरा समुद्री रास्ता है, जहां भारत समेत एशियाई देशों को तेल और गैस मिलता है. ईरान युद्ध शुरू होने और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कुछ दिन बाद से ही LPG की किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग की खबरें सामने आने लगी थीं. हालांकि, सरकार ने साफ किया कि कोई कमी नहीं है, लेकिन ईरान युद्ध का बुरा असर भारत पर पड़ रहा है. भारत की LPG सप्लाई बुरी तरहप्रभावित हुई है. सरकार ने भी इस बात को माना है. होर्मुज बंद होने के कारण कच्चे तेल की सप्लाई तो दूसरे रास्तों से होने लगी, लेकिन LPG की भरपाई कहीं से हो नहीं पा रही है.28 फरवरी से ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद कर रखा है. तब से कुछ जहाज ही भारत पहुंचे हैं. होर्मुज स्ट्रेट से ही दुनिया का 20% कच्चा तेल सप्लाई होता है. भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है. केंद्र सरकार के मुताबिक, पहले होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत की जरूरत का 55% कच्चा तेल आता था. लेकिन अब भारत 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है और जरूरत का 70% से ज्यादा दूसरे रास्तों से आ रहा है. इसलिए कच्चे तेल की सप्लाई पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा.लेकिन LPG की भरपाई नहीं हो पा रही है. भारत अपनी जरूरत की 60% LPG आयात करता है और इसमें से 90% होर्मुज के रास्ते से ही आती है. इसकी भरपाई के लिए LPG का डोमेस्टिक प्रोडक्शन बढ़ाया है. इसके साथ ही घरों तक LPG पहुंचती रहे, इसके लिए कमर्शियल गैस का कोटा कम किया गया है.ईरान युद्ध के कारण भारत का LPG आयात फरवरी की तुलना में मार्च में आधे से भी ज्यादा कम हो गया. फरवरी के मुकाबले मार्च में LPG की खपत भी कम हुई है. हालांकि, मार्च में LPG का डोमेस्टिक प्रोडक्शन भी बढ़ा है. ईरान युद्ध ने भारत की LPG पर कैसे असर डाला? पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों से समझिएः-आयात पर: फरवरी में भारत ने 17 लाख मीट्रिक टन LPG का आयात किया था. मार्च में यह 51% से ज्यादा घटकर 8.26 लाख मीट्रिक टन हो गया.खपत पर: भारत में हर दिन LPG की खपत 55 लाख बैरल है. फरवरी में LPG की 28.22 लाख मीट्रिक टन खपत हुई थी, जो फरवरी में 16% कम होकर 23.79 लाख मीट्रिक टन हो गई.प्रोडक्शन पर: ईरान युद्ध के कारण LPG का डोमेस्टिक प्रोडक्शन लगभग 30% बढ़ा है. फरवरी में देश में 10.62 लाख मीट्रिक टन LPG का प्रोडक्शन हुआ था. मार्च में यह बढ़कर 13.87 लाख मीट्रिक टन हो गया.ईरान युद्ध फिलहाल थमता दिख नहीं रहा है. जानकारों का यह भी मानना है कि अगर अमेरिका-ईरान में कोई समझौता हो भी जाता है तो भी हालात सुधरने में वक्त लग सकता है.

भारत के अब भी दर्जनभर जहाज होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए हैं. कच्चे तेल की सप्लाई तो दूसरे देशों से हो जा रही है, लेकिन LPG की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने कई तैयारियां की हैं. सरकार ने रसोई गैस के लिए LPG सिलेंडर के बजाय PNG कनेक्शन लगाने पर जोर दिया है. पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि मार्च से अब तक 5.96 लाख PNG के नए कनेक्शन दिए गए हैं. अब PNG कनेक्शन की संख्या 8.64 लाख हो गई है. इसके अलावा, लगभग 6.66 लाख से ज्यादा ग्राहकों ने PNG के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है.इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों और घर से दूर रहे छात्रों के लिए सरकार 5 किलो वाला छोटा LPG सिलेंडर भी बेच रही है. पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अब तक 5 किलो वाले 22.78 लाख से ज्यादा LPG सिलेंडर बेचे जा चुके हैं.

Written By
Aagaaz Express

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *