Blog

अगले चुनाव तक जन सुराज को मजबूत करेंगे प्रशांत किशोर,जनता के बीच जाकर सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा

अगले चुनाव तक जन सुराज को मजबूत करेंगे प्रशांत किशोर,जनता के बीच जाकर सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा
  • PublishedMay 21, 2026

बिहार में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर ने अब अपना आशियाना बदल दिया है. अब वह एक आश्रम में शिफ्ट कर गए हैं. बिहार में एनडीए सरकार के 6 महीने पूरे होने पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत ने बताया कि वह पटना के बाहरी इलाके में स्थित एक आश्रम में चले गए हैं. वह यहीं से अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखेंगे, जब तक कि उनकी नई पार्टी अगले विधानसभा चुनावों में अपनी जगह नहीं बना लेती.दरभंगा में पत्रकारों से बात करते हुए, 48 साल के राजनीतिक रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने बताया कि वह मंगलवार रात को पटना स्थित अपने पिछले आवास से बाहर निकल आए. उन्होंने कहा, “मंगलवार रात मैं पटना में उस जगह से निकल आया, जहां मैं अब तक रह रहा था.”उन्होंने कहा, “IIT पटना के पास स्थित ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ ही मेरा अब नया ठिकाना होगा. मैं यहां तब तक रहूंगा, जब तक बिहार में अगला विधानसभा चुनाव नहीं कराए जाते और उम्मीद है कि तब तक जन सुराज पार्टी अपनी छाप छोड़ चुकी होगी.”I-PAC के सह-संस्थापक प्रशांत किशोर यानी PK ने राजनीतिक परामर्श का काम छोड़कर 2 साल पहले 2024 में जन सुराज पार्टी बनाई थी. अब तक वह ‘शेखपुरा हाउस’ से ही अपना काम-काज चला रहे थे. यह पटना एयरपोर्ट के पास स्थित एक विशाल बंगला है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बीजेपी के पूर्व सांसद उदय सिंह के परिवार की संपत्ति है.उदय सिंह एक मजबूत राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके बड़े भाई, एनके. सिंह, राज्यसभा के पूर्व सांसद और 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं. वहीं, उनकी दिवंगत मां माधुरी सिंह कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रही थीं और पूर्णिया से कई बार सांसद भी चुनी गईं.जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व उपाध्यक्ष किशोर ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला. नीतीश कुमार ने पिछले महीने ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा में प्रवेश किया है. जन सुराज के नेता ने कहा, “चुनावों के बाद जो व्यक्ति मुख्यमंत्री चुना गया, वह आर्थिक संकट की वजह से होने वाले पलायन को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा. इसके बजाय, उसने खुद ही पलायन करने का रास्ता चुन लिया. लेकिन ऐसा करने से पहले उसने यह तय कर लिया कि उसके बेटे को सत्ता में कोई जगह मिल जाए.”प्रशांत किशोर यहां तब मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का जिक्र कर रहे थे, जो अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन सरकार का हिस्सा बन चुके हैं.उन्होंने बिहार के वोटर्स से यह अपील भी की कि वे जाति, धर्म या पैसों के लालच में आकर वोट देने के बजाय, अपने खुद के हितों को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा, “बिहार के लोगों को वोट डालते समय अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए. उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार या लालू प्रसाद जैसे नेताओं के बहकावे में नहीं आना चाहिए, और न ही उन्हें 10,000 रुपये के लिए अपना वोट बेचना चाहिए.”

इस टिप्पणी को विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना’ के संदर्भ में देखा गया, जिसके तहत 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपये दिए गए थे.प्रशांत किशोर ने सरकारी खर्च को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भी आलोचना की, और आरोप लगाया कि बिहार देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक होने के बावजूद यहां फिजूलखर्ची बहुत ज्यादा हो रही है.उनका कहना है, “बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है, लेकिन मुख्यमंत्री 25 एकड़ के आवास में रहते हैं. जरा सोचिए कि इसके बगीचों के रखरखाव में कितना खर्च आता होगा. हमें यह भी सुनने में आ रहा है कि वह इस परिसर को और भी बड़ा करने की योजना बना रहे हैं, जिसके लिए वे उस बंगले को मुख्यमंत्री आवास में मिला देंगे जिसमें वे उपमुख्यमंत्री के तौर पर रहते थे.”

Written By
Aagaaz Express

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *