ममता बनर्जी की पूरी तरह से टूट गई पार्टी,TMC के 20 सांसदों ने दिया मोदी सरकार को समर्थन
तृणमूल कांग्रेस का अंदरुनी संकट सोमवार को उस समय और गहरा गया जब पार्टी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि पार्टी के करीब 20 सांसदों ने केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA)का समर्थन करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अवगत करा दिया गया है.तृणमूल के लोकसभा में 28 सदस्य हैं जबकि राज्यसभा में उसके 12 सदस्य हैं. काकोली घोष दस्तीदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत गठबंधन को समर्थन देने की समूह की इच्छा से अवगत कराने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है.उन्होंने कहा, “तृणमूल के करीब 20 सांसदों ने जिनमें मैं भी शामिल हूं राजग को समर्थन देने के अपने फैसले से अवगत कराने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है.”काकोली ने दावा किया कि वह लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक बनी हुई हैं. उन्होंने कहा कि यह निर्णय साथी सांसदों से परामर्श के बाद लिया गया. यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर बढ़ते आंतरिक संकट के बीच आया है। तृणमूल में हाल के दिनों में वरिष्ठ नेताओं द्वारा खुले तौर पर असहमति और इस्तीफे देखने को मिले हैं.काकोली ने कहा कि समूह ने राजनीतिक रूप से राजग के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है। उन्होंने दलील दी कि यह जनता के जनादेश को दर्शाता है. उन्होंने कहा, “हमने जनता के फैसले को स्वीकार कर लिया है और हमारा मानना है कि हमारा भविष्य का राजनीतिक मार्ग राजग के अनुरूप होना चाहिए.” तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने अभी तक इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.बता दें कि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सोमवार को नई राजनीतिक उथल-पुथल मच गई, जब पार्टी से जुड़े कई नेता दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर देखे गए. कहा जा रहा है कि, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मीटिंग के दौरान मौजूद थे.यह तब हुआ जब दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कई विपक्षी नेताओं के साथ इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में हिस्सा लिया. पूर्व राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय, जिन्होंने आज ही टीएमसी से इस्तीफा दिया था, मौजूद लोगों में शामिल थे.

यहां बैठक में देखे गए अन्य लोगों में प्रसून बनर्जी, जगदीश बसुनिया, काली पद सोरेन, अरूप चक्रवर्ती, अबू ताहिर, असित मल, डॉ. शर्मिला सरकार और खलीलुर रहमान शामिल थे.भूपेंद्र यादव के साथ बैठक के बारे में टीएमसी या भाजपा की ओर से तुरंत कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. बता दें कि, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसद के उच्च सदन की सदस्यता से तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर राय का इस्तीफा सोमवार को स्वीकार कर लिया और संबंधित सीट को रिक्त घोषित कर दिया. राय ने राधाकृष्णन से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा था.राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, “राज्यसभा में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करने वाले सुखेंदु शेखर राय ने अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया है. राज्यसभा के सभापति ने आठ जून 2026 को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया.”इससे पहले, राय ने संवाददाताओं से कहा था, “मैंने राज्यसभा के सभापति से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया. मैंने ममता बनर्जी को व्हाट्सएप और ईमेल के जरिये पार्टी से इस्तीफा देने के अपने फैसले से अवगत करा दिया है.”उन्होंने कहा था, “राज्यसभा में मेरा कार्यकाल 2029 तक था, लेकिन मैंने पार्टी से सैद्धांतिक रूप से इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि मेरे लिए पद पर बने रहना मुश्किल होगा.”राय संसद में तृणमूल कांग्रेस के सबसे लोकप्रिय चेहरों में से एक थे. उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक से कुछ घंटे पहले राष्ट्रीय राजधानी में अपने फैसले की घोषणा की.राय का इस्तीफा पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के विधायक दल में अप्रत्याशित विद्रोह के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिसमें पार्टी के 58 विधायकों ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय को खारिज कर दिया.राय ने शासन और पार्टी संगठन में व्याप्त भ्रष्टाचार का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है.