Blog

तेलंगाना में हो गया 2028 की जंग की शुरुआत!बीजेपी पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का पलटवार

तेलंगाना में हो गया 2028 की जंग की शुरुआत!बीजेपी पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का पलटवार
  • PublishedJuly 1, 2026

तेलंगाना की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। दोनों दल एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं और आने वाले चुनाव को अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने का बड़ा मौका मान रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि यह टकराव अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि राज्य की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने वाली लड़ाई बनता दिखाई दे रहा है।बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने 3 दिन के तेलंगाना दौरे के दौरान दावा किया कि वर्ष 2028 में राज्य में बीजेपी की ‘डबल इंजन सरकार’ बनेगी। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को तेलंगाना में लगभग 35 प्रतिशत वोट मिले, जो इस बात का संकेत है कि राज्य में पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के मुद्दों पर लगातार आंदोलन करने और गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करने की अपील की।नितिन नवीन ने कहा कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने लंबे संघर्ष के बाद खुद को एक बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया, उसी तरह तेलंगाना में भी पार्टी जनता का विश्वास जीतकर सत्ता तक पहुंचेगी।

उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी बीजेपी कार्यकर्ताओं के लगातार संघर्ष के कारण कांग्रेस की सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा। उनका कहना था कि तेलंगाना में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत राजनीतिक बदलाव का आधार बनेगी।बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तेलंगाना आज ‘दिल्ली का एटीएम’ बन गया है। उनका आरोप था कि राज्य का पैसा दिल्ली भेजा जा रहा है और कांग्रेस सरकार अपने चुनावी वादे पूरे करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सत्ता में आने के बाद सरकार से खर्च किए गए हर रुपये का हिसाब लेगी। साथ ही उन्होंने मुस्लिम आरक्षण का विरोध करते हुए कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर भी जनता के बीच जाएगी।नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में भ्रष्टाचार और अस्थिरता का माहौल था, लेकिन मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया और भारत को आत्मविश्वास से भरा देश बनाया। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने जैसे बड़े फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित तेलंगाना’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।बीजेपी के इन दावों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बेहद आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने नितिन नवीन पर तंज कसते हुए कहा कि ‘हाल ही में एक शख्स यहां आया था, नवीन या जो भी उसका नाम है। वह कह रहा है कि अगली सरकार उनकी बनेगी। पश्चिम बंगाल में भी उन्होंने यही दावा किया था। वहां उन्हें सरकार बनाने में 15 साल लग गए। तेलंगाना की जनता भी उन्हें वैसा ही जवाब देगी। यहां के लोग जानते हैं कि ऐसे दावों का जवाब कैसे देना है।’रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सीधे बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि आइए तुलना करते हैं बीआरएस के 10 साल, केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल और कांग्रेस सरकार के ढाई साल। उन्होंने पूछा कि मोदी ने हर गरीब के खाते में 15 लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन किसके खाते में पैसा आया? किसानों की आय दोगुनी करने और हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन वे नौकरियां कहां हैं? उन्होंने कहा कि जनता अब वादों की नहीं बल्कि परिणामों की राजनीति चाहती है।रेवंत रेड्डी ने बीजेपी पर यह आरोप भी लगाया कि वह हर चुनाव में केवल प्रधानमंत्री मोदी का चेहरा दिखाकर वोट मांगती है। उन्होंने कहा कि चाहे वार्ड चुनाव हो, सरपंच का चुनाव हो या नगर पालिका का चुनाव, बीजेपी हर जगह मोदी के नाम पर वोट मांगती है, जबकि चुनाव स्थानीय नेताओं के काम और जनता की समस्याओं के आधार पर लड़ा जाना चाहिए।रेवंत रेड्डी के बयान पर बीजेपी ने भी जोरदार पलटवार किया। तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान उनकी राजनीतिक अहंकार और बीजेपी के बढ़ते जनाधार से पैदा हुए डर को दिखाता है। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन ने तेलंगाना को ‘कांग्रेस मुक्त तेलंगाना’ बनाने का आह्वान किया है और उनके दौरे के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं में जो उत्साह देखने को मिला, उसी से कांग्रेस सरकार घबराई हुई है।रामचंद्र राव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बीजेपी अध्यक्ष के नाम का मजाक उड़ाना राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है। उनका कहना था कि कांग्रेस समझ चुकी है कि राज्य में बीजेपी तेजी से मुख्य विपक्षी ताकत बन रही है और यही कारण है कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार बीजेपी पर व्यक्तिगत हमले कर रहा है।कुल मिलाकर तेलंगाना की राजनीति अब नए दौर में प्रवेश करती दिखाई दे रही है। एक तरफ बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले लगभग 35 प्रतिशत वोटों को आधार बनाकर 2028 में सत्ता परिवर्तन का दावा कर रही है और पश्चिम बंगाल की तरह लंबे संगठनात्मक संघर्ष का मॉडल अपनाने की बात कह रही है। दूसरी ओर कांग्रेस मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में बीजेपी के इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कह रही है कि तेलंगाना की जनता बाहरी राजनीतिक रणनीतियों से प्रभावित नहीं होगी।आने वाले वर्षों में यह टकराव और तेज होने की संभावना है। बीजेपी सरकार की कथित विफलताओं, भ्रष्टाचार और चुनावी वादों को मुद्दा बनाएगी, जबकि कांग्रेस केंद्र सरकार के अधूरे वादों और अपने राज्य सरकार के कामकाज को सामने रखेगी। इसी बीच BRS भी अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश करेगी। ऐसे में 2028 का विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं होगा, बल्कि यह तय करेगा कि तेलंगाना की राजनीति में आने वाले समय में किस दल की विचारधारा, संगठन और नेतृत्व जनता का सबसे अधिक विश्वास जीत पाता है।

Written By
Aagaaz Express

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *