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बिहार सरकार का बड़ा एक्शन,फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले शिक्षकों को किया गया बर्खास्त

बिहार सरकार का बड़ा एक्शन,फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले शिक्षकों को किया गया बर्खास्त
  • PublishedJuly 10, 2026

बिहार में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी शिक्षक बने लोगों के खिलाफ राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. शिक्षा विभाग ने अब तक 3035 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी है. सरकार ने इन शिक्षकों से नौकरी के दौरान प्राप्त वेतन और मानदेय की राशि ब्याज सहित वापस लेने का निर्णय लिया है. वहीं 1830 शिक्षकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की जांच के दौरान बड़ी संख्या में प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए. इसके बाद संबंधित विश्वविद्यालयों और संस्थानों से दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया. जांच में कई प्रमाणपत्र फर्जी या अमान्य पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई. इसके आधार पर सेवा समाप्त करने का फैसला लिया गया.मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षा विभाग ने तय किया है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी डिग्री या जाली प्रमाणपत्र के आधार पर हुई है, उनसे अब तक मिले वेतन और मानदेय की पूरी राशि वसूली जाएगी. यह वसूली ब्याज सहित की जाएगी. विभाग इसके लिए अलग से रिकवरी की प्रक्रिया पूरी करेगा.

विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ सरकार ने 1830 मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई है. शिक्षा मंत्री का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करना गंभीर अपराध है, इसलिए संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है. जिन मामलों में जांच लंबित है, उनमें भी सत्यापन पूरा होने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा.शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है. फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. विभाग का मानना है कि इस कदम से योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होगी और सरकारी विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी.

Written By
Aagaaz Express

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