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जानें कब है सावन का पहला सोमवार व्रत,कैसे करें बाबा भोलेनाथ की पूजा?

जानें कब है सावन का पहला सोमवार व्रत,कैसे करें बाबा भोलेनाथ की पूजा?
  • PublishedJuly 29, 2026

सावन 2026 का पावन महीना 30 जुलाई 2026, गुरुवार से शुरू हो रहा है। ये पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति और कृपा पाने का सबसे उत्तम समय होता है। इस महीने में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और शिवलिंग की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं ये महीना कावड़ यात्रा के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रावण मास शुरू होते ही ‘बोल बम के जयकारों’ के साथ कावड़िए कावड़ यात्रा पर निकल जाते हैं और पवित्र तीर्थस्थलों से गंगाजल लाकर अपने क्षेत्र के शिव मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। कावड़ जल चढ़ाने के लिए सावन शिवरात्रि का दिन सबसे शुभ माना जाता है। बता दें सावन में व्रत रखने का भी विशेष महत्व माना जाता है। कई श्रद्धालु पूरे सावन व्रत रहते हैं तो कई सिर्फ सावन सोमवार और सावन शिवरात्रि पर ही व्रत रखते हैं। सावन को लेकर लोगों के मन में अक्सर कई तरह के सवाल भी रहते हैं जैसे सावन व्रत के नियम क्या हैं, सोमवारी व्रत में क्या खा सकते हैं, शिवलिंग की पूजा की विधि क्या है या कावड़ जल कब चढ़ेगा…इत्यादि। आइए जानते हैं सावन 2026 से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी हमारे इस खास ब्लॉग में।सावन का पहला सोमवार 3 अगस्तसावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्तसावन का तीसरा सोमवार 17 अगस्तसावन का चौथा सोमवार 24 अगस्त सबसे पहले शुद्ध जल या गंगाजल की पतली धारा से शिवलिंग को स्नान कराएं।

इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बारी-बारी से अभिषेक करें।सभी द्रव पदार्थों को अर्पित करने के बाद फिर से शुद्ध जल चढ़ाकर शिवलिंग को साफ करें।इसके बाद शिवलिंग पर चंदन का लेप, त्रिपुंड या भस्म लगाएं।फिर बेलपत्र, शमी पत्र और फूल चढ़ाएं।अंत में भांग, धतूरा, केसर, फल और नैवेद्य अर्पित करें।फिर धूप-दीप जलाकर आरती करें और शिवलिंग की आधी परिक्रमा करें।सावन के पूरे महीने व्रत रखने की विधि बेहद सरल है। आप चाहें तो फलाहारी व्रत भी रह सकते हैं या एक समय भोजन करके भी व्रत रख सकते हैं। अगर फलाहारी व्रत रह रहे हैं तो दिन में एक या दो टाइम व्रत वाला भोजन कर सकते हैं। अगर एक समय भोजन करने वाला व्रत रख रहे हैं तो शाम में भगवान शिव की पूजा करने के बाद ही कुछ खाएं और दिन में फल का सेवन कर सकते हैं।सावन का पहला सोमवार व्रत 3 अगस्त 2026 को है। सनातन धर्म में सावन के सोमवार व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु सावन के सोमवार के व्रत रखता है उसे 16 सोमवार व्रत का फल एक साथ प्राप्त हो जाता है। सावन में शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इसके लिए आप घर से ही एक साफ लोटे में जल लेकर शिव मंदिर जाएं। साथ में कुछ बेलपत्र, फूल, धतूरा, भांग, एक घी का दीपक और प्रसाद भी लेकर जाएं। सबसे पहले शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। इसके बाद फूल, बेलपत्र, भांग और धूतरा चढ़ाएं। शिवलिंग के सामने दीपक जलाकर रखें। इसके बाद प्रसाद चढ़ाएं। कुछ प्रसाद घर के लिए भी बचा लें। इस सरल विधि से आप पूरे सावन शिवलिंग की पूजा कर सकते हैं।

Written By
Aagaaz Express

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