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भारत पहुंचे रूस के राष्ट्रपति पुतिन,BRICS समिट में होंगे शामिल

भारत पहुंचे रूस के राष्ट्रपति पुतिन,BRICS समिट में होंगे शामिल
  • PublishedSeptember 11, 2026

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं। पुतिन का प्लेन आज तड़के करीब तीन बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचा। पुतिन ब्रिक्स समिट के लिए भारत आए हैं। उससे पहले आज 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच अहम मुलाकात और बातचीत होने वाली है। आज पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बैठक में भारत और रूस के बीच रणनीतिक, डिफेंस और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा दोनों नेता आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, स्पेस कॉपरेशन, ड्रग तस्करी पर रोक और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर भी बात करेंगे। ये माना जा रहा है कि इस बातचीत का फोकस तीन प्वाइंट पर रहेगा।पीएम मोदी और पुतिन की बातचीत के दौरान डिफेंस को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। इसमें सुखोई 57 की डील शामिल है। फिफ्थ जेनेरेशन के 75 फाइटर जेटस की डील पर भी ठोस बातचीत हो सकती है।

इसके अलावा S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी और न्यूक्लियर सबमरीन से जुड़े डिफेंस कॉपरेशन की भी समीक्षा की जा सकती है।क्रूड ऑयल- इस बातचीत का दूसरा प्वाइंट क्रूड ऑयल रहेगा। भारत साफ-साफ कह चुका है कि वो अपनी जरूरत के हिसाब से फैसला करेगा कि उसे कहां से कितना तेल खरीदना है। खासकर होर्मूज स्ट्रेट में जो हालत इस वक्त बनी हुई है। उसे देखते हुए भारत अपने लिए क्रूड ऑयल की सप्लाई सिक्योर करना चाहेगा। इसे लेकर रूस के साथ कोई लॉन्ग टर्म डील की बात कही जा रही है।लोकल करेंसी में कारोबार- पीएम मोदी और पुतिन के बीच बातचीत का तीसरा मेजर प्वाइंट लोकल करेंसी में कारोबार पर रहेगा। क्रेमलिन की तरफ से कहा गया है कि दोनों देश डॉलर पर निर्भरता कम करते हुए अपनी अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं यानि रुपया और रूबल में पेमेंट को बढ़ावा देने पर बड़ी चर्चा करेंगे। हालांकि ये बात कई बड़े देशों को खल सकती है।पुतिन का दिल्ली में किया गया स्वागतX पर एक पोस्ट में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश राज्य मंत्री (MoS) कीर्ति वर्धन सिंह ने दिल्ली एयरपोर्ट पर रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया। उन्होंने भारत और रूस के बीच “कई तरह के और लंबे समय से चले आ रहे” द्विपक्षीय संबंधों पर भी जोर दिया। जायसवाल ने लिखा, “18वें ब्रिक्स समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत है। एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। भारत और रूस के बीच ‘खास और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ पर आधारित कई तरह के और लंबे समय से चले आ रहे संबंध हैं।”क्रेमलिन ने एक बयान में कहा कि पुतिन 11 सितंबर को सालाना ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे। यह एक ऐसा मंच है जो पारंपरिक रूप से नेताओं के समिट से पहले होता है और इसमें ब्रिक्स देशों के व्यापार प्रतिनिधि एक साथ आते हैं। उसी दिन, पुतिन की प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी और वे भारतीय नेता के साथ मिलकर INNOPROM प्रदर्शनी का दौरा करेंगे, जिसे रूस और भारत के उद्योग और व्यापार मंत्रालयों ने आयोजित किया है।रूसी राष्ट्रपति की यात्रा से भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और गति मिलने की उम्मीद है, जिसमें व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा में प्रमुखता से ध्यान दिया जाएगा। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता व्यापार, डिजिटल तकनीक, वित्त, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शासन सुधारों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रही है। सितंबर के शिखर सम्मेलन में मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, सीमा-पार भुगतान एकीकरण, राष्ट्रीय मुद्राओं के अधिक उपयोग, MSME विकास, डिजिटल व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।रूसी राष्ट्रपति को दिल्ली में फूल प्रूफ सिक्योरिटी कवर दिया जा रहा है। चाणक्यपुरी के जिस होटल में पुतिन ठहरेंगे, वहां कई लेवल में सिक्योरिटी अरेंजमेंट किये गए हैं। दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी और दो एसीपी 24 घंटे के लिए तैनात हैं। पीएम मोदी और पुतिन की ये कैमिस्ट्री दुनिया में पावर शिफ्टिंग का नया चैप्टर भी लिख सकती है। खासकर तब जब चीन के राष्ट्रपति भी साथ होंगे और ब्रिक्स सम्मेलन में दुनिया दिल्ली डिक्लेरेशन देखेगी।

Written By
Aagaaz Express

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