राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके JDU-BJP, नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री मोदी और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की जनता को 30 हजार करोड़ रुपये की रिश्वत वोट हासिल करने के लिए दी है, लेकिन बिहार अब विकसत राज्य बनेगा. पिछले 20 सालों में बिहार का कोई विकास नहीं हुआ.लेकिन इस बार 14 नवंबर के बाद बिहार अपनी सफलताओं की सूची बनाएगा. खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां होंगी, कृषि आधारित उद्योग होंगे. शिक्षा, चिकित्सा की सुविधाएं होंगी और पैसे कमाने के अवसर होंगे. IT हब और शैक्षणिक शहर होंगे. सुपरस्पेशल अस्पताल बनेंगे. चुनाव जीतकर अगर INDIA महागठबंधन की सरकार बनी तो सुनिश्चित करेंगे कि बिहार के किसी भी मजदूर या कर्मचारी को दूसरे राज्य में न जाना पड़े.तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि बिहार में कई जगह स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV बंद क्यों पड़े हैं? चुनाव आयोग को इस मामले को गंभीरता से लेकर जवाब देना चाहिए. VVPAT की पर्चियां कूड़े की तरह फेंकी गईं, ऐसा कैसे हुआ? 4 दिन हो गए हैं, पहले चरण के मतदान के आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं कि कितने पुरुष और महिलाओं ने मतदान किया. BJP पाप कर रही है और चुनाव आयेाग उन्हें छिपाने का काम कर रहा है.

बिहार की सुरक्षा के लिए 208 कंपनियां BJP शासित राज्यों से ही क्यों बुलाई गईं. झारखंड, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और बंगाल से भी पुलिस को बुलाया जा सकता था. 243 विधानसभा में 68 पुलिस ऑब्जर्वर BJP शासित राज्यों से बुलाए गए हैं. गृह मंत्री अमित शाह धन, बल और छल का पूरर इस्तेमाल चुनाव में कर रहे है. बिहार की सत्ता में बैठे लोग घबराए हुए हैं और बिहार के लोगों का मूड बदलाव कहा है.तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे चुनाव में करीब 171 जनसभाओं को सम्बोधित किया है. इस दौरान लोगों की नजरों को पढ़ा तो पता चला कि प्रदेश की जनता को 20 सालों के शासन को बदलना है. लोग पलायन, बेरोजगारी, खराब स्वास्थ्य व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था से परेशान हैं. इसलिए बिहार की जनता 14 नवंबर को इतिहास रचने जा रही है. बिहार में दवाई, कमाई और सुनवाई की सरकार बनेगी, INDIA महागठबंधन की सरकार बनेगी.तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषा देखिए, कितनी नकारात्मक है? पता नहीं प्रधानमंत्री कौन-सी वेब सीरीज देख रहे हैं. हम कलम बांट रहे है और वो कट्टे की बात कर रहे हैं. अपने नेताओं के बारे में प्रधानमंत्री कुछ नहीं कहते हैं. अनन्त सिंह क्या साधु संत है, राजबल्लभ यादव, मनोरमा यादव, हुलास पांडेय, आनन्द मोहन, सुनील पांडेय ये सब क्या हैं.