अब्दुल्ला के बयान पर भाजपा का जोरदार हंगामा,CM के भाषण के दौरान खड़े रहे विधायक

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कुछ बयानों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उग्र हो गई और उनसे अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग कर रही है. साथ ही यह भी कहा कि जब तक ये बयान वापस नहीं लिए जाते, सदन को चलने नहीं दिया जाएगा. हालांकि मुख्यमंत्री ने माफी मांगने से मना कर दिया है. आज बुधवार को भी सदन में हंगामा हो रहा है और बीजेपी के विधायक सदन से वॉकआउट कर गए हैं.विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कल मंगलवार को सदन में सीएम उमर के कुछ बयानों को जम्मू-कश्मीर के लोकतांत्रिक इतिहास में काला ​​दिन करार दिया और उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग की. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सदस्य सदन को तब तक नहीं चलने देंगे, जब तक मुख्यमंत्री अपने शब्द वापस नहीं ले लेते और विधानसभा में बिना शर्त माफी नहीं मांग लेते.दूसरी ओर, मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने विधानसभा में अपनी कुछ टिप्पणियों के लिए बीजेपी के सदस्यों से माफी मांगने से इनकार कर दिया.

उन्होंने कहा कि वह अपने शब्द वापस लेने को तैयार थे, लेकिन बार-बार व्यवधान पैदा कर उन्हें सदन में बोलने ही नहीं दिया गया. उन्होंने आगे कहा, “अब माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता, ये बातें अब पहले से ही रिकॉर्ड में दर्ज हो चुकी हैं.”इससे पहले, दिन में विधानसभा में मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा देखने को मिला. विपक्षी बीजेपी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री की कुछ टिप्पणियों पर गहरी आपत्ति जताई और उनसे माफी की मांग की. सदन में हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी.सीएम अब्दुल्ला 6 फरवरी को पेश किए गए जम्मू-कश्मीर के बजट पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे. इस दौरान बीजेपी के विधायक उनके करीब 40 मिनट के भाषण के ज्यादातर समय खड़े ही रहे. स्पीकर राथर ने बाद में बीजेपी के विधायकों को बताया कि उनके विरोध को रिकॉर्ड पर नहीं लिया जाएगा.कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए दावा किया कि यह समझौता जम्मू-कश्मीर के हितों के लिए नुकसानदायक है. इस बीच उनके भाषण के दौरान उन्होंने व्यवधान पैदा कर रहे बीजेपी के विधायकों के खिलाफ भी कुछ टिप्पणियां कर डाली. इससे बीजेपी के विधायक भड़क गए और मुख्यमंत्री की टिप्पणियों को असंसदीय बताते हुए सबसे आगे की कतार में खड़े हो गए. उन्होंने मुख्यमंत्री से माफी की मांग करते हुए उनके खिलाफ नारे लगाए.बाद में विधानसभा के बाहर सीएम अब्दुल्ला ने कहा, “अगर उन्होंने मुझे बोलने दिया होता, तो मैं खुद ही अपने शब्द वापस ले लेता. मैं उन्हें वापस लेने और वही बात दूसरे तरीके से कहने को तैयार था, लेकिन उन्होंने मुझे बोलने का मौका ही नहीं दिया. अब मांफी मांगने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता. जो कहा गया है वह पहले से ही रिकॉर्ड पर है.”

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