केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को असम विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी किया. इसमें उन्होंने मूल निवासियों की जमीन, विरासत और गरिमा की रक्षा करने और 5 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का वादा किया है.बीजेपी के ‘संकल्प पत्र’ में 31 वादे शामिल हैं, जिनमें बांग्लादेशी मियाओं से कब्जाई गई जमीन वापस लेना, यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना, और राज्य का विकास व युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना शामिल है. सीतारमण ने कहा कि यह घोषणापत्र ‘राज्य में एक दशक के बदलाव’ पर आधारित है, जिसे कांग्रेस 60 सालों में हासिल नहीं कर पाई थी.

सीतारमण ने आरोप लगाया, ‘कांग्रेस का नॉर्थ ईस्ट के लंबे समय के विकास पर कोई ध्यान नहीं था, क्योंकि उसकी राजनीति इसी पर टिकी है.’ उन्होंने दावा किया कि राज्य में भाजपा शासन के दौरान बड़े पैमाने पर विकास हुआ है. उन्होंने आगे कहा, ‘कई युवा असमिया लोग अपने ग्लोबल करियर को छोड़कर असम लौट रहे हैं. यह किसी मजबूरी के कारण नहीं, बल्कि यहां मौजूद अवसरों के कारण है।उन्होंने कहा कि भाजपा ने ‘असम में शांति बहाल’ की है, और विकास तभी संभव है जब स्थिरता हो. उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस की नीतियों के कारण असम को 32 सालों तक अफ्सपा अफस्पा एक्ट के साए में रहना पड़ा, लेकिन बीजेपी ने यह सुनिश्चित किया कि इस कानून को राज्य के ज्यादातर हिस्सों से हटा दिया जाए.’मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘2015-16 में असम का जीएसडीपी 2.24 लाख करोड़ रुपये था और आज 2025-26 में यह 7.41 लाख करोड़ रुपये है. 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 1.03 लाख रुपये थी, जबकि 2024-25 में यह 1.59 लाख रुपये है. यानी सिर्फ 4 सालों में 54फीसदी की बढ़ोतरी.’इस मौके पर मौजूद लोगों में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा, राज्य बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, राज्य मंत्रिमंडल के मंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे. राज्य की 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे, और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।