पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बेलदा में एक बड़ी चुनावी रैली की। इस रैली में उन्होंने भाजपा की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। ममता बनर्जी ने जनता को चेतावनी देते हुए कहा, भाजपा चुनाव खत्म होते ही गैस और कैश देना बंद कर देगी। उन्होंने इसे भाजपा की एक सोची-समझी चाल और चुनावी खेल करार दिया।ममता बनर्जी ने भाजपा पर समाज को बांटने का गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नफरत और झगड़े पैदा कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, भाजपा इस तनावपूर्ण स्थिति का फायदा उठाकर देश को लूटना चाहती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भाजपा के बहकावे में न आएं। ममता बनर्जी ने साफ किया कि भाजपा केवल सत्ता के लिए लोगों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है और चुनाव के बाद वह अपने वादों से मुकर जाएगी।ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह की राजनीतिक चार्जशीट का जवाब देते हुए कहा, पहली चार्जशीट तो प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के खिलाफ होनी चाहिए, जो दंगे भड़काकर सत्ता में आए। ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा हिंदू-मुस्लिम से लेकर प्रशासन और पुलिस तक को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के कहने पर कई काबिल अधिकारियों को हटा दिया है, जो अधिकारियों का अपमान है।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा किसी धर्म से प्यार नहीं करती, वह सिर्फ ढोंग करती है। उन्होंने कहा, जिस तरह से वे देश चला रहे हैं, मुझे लगता है कि उन्हें एक या दो महीने के भीतर दिल्ली से भागना पड़ेगा।

रैली में ममता बनर्जी ने 2016 की नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लाइनों में लगकर करीब 200 लोगों की जान गई थी। उन्होंने वोटर लिस्ट से मुस्लिमों, हिंदुओं और आदिवासियों के नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने वादा किया कि जिनकी पहचान वोटर लिस्ट से मिटाई गई है, उनकी पार्टी उन्हें मुफ्त कानूनी मदद देगी।पिछले 15 वर्षों में अपनी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को गिनाते हुए, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 100-दिन की रोज़गार गारंटी, पक्के मकानों के निर्माण और सड़कों जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लिए फंड रोक दिया है। बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने इन प्रोजेक्ट्स को अपने फंड से चला रही है।