मोदी-शी की मुलाकात से पहले चीन का बड़ा बयान,सुलझाएंगे सब मतभेद

नई दिल्ली में BRICS समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत दुनियाभर के कई नेता राजधानी दिल्ली पहुंच चुके हैं. वहीं आज (शनिवार, 12 सितंबर) चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंचे. इस दौरान जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मीटिंग होगी, जिस पर दुनियाभर की नजर है. दोनों देशों के बीच जारी तल्खी के बीच ये मीटिंग काफी अहम मानी जा रही है. इस बीच चीन ने भारत के साथ संबंधों को नए सिरे से स्थापित करने के संकेत दिए हैं साथ ही मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने की बात कही है.चीन के राजदूत ने कहा है कि बीजिंग भारत के साथ मिलकर काम करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के मार्गदर्शन में दोनों देशों के बीच मतभेदों को सुलझाएगा. दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच जिनपिंग का भारत दौरा बेहद खास है.शी जिनपिंग के शनिवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने से कुछ घंटे पहले चीन के राजदूत जू फीहोंग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मतभेदों को सुलझाने और आपसी सहयोग के बारे में बात की. इस शिखर सम्मेलन के दौरान शी जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।राजदूत ने अपनी पोस्ट में कहा ‘चीन और भारत राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की व्यवस्था कर रहे हैं. काज़ान और तियानजिन में हुई मुलाकातों के बाद, यह लगातार तीसरा वर्ष होगा जब दोनों नेता एक-दूसरे से मिलेंगे’. जू फीहोंग ने चीन और भारत के बीच संबंधों में एक नए सिरे से शुरुआत का संकेत भी दिया. उन्होंने कहा कि बीजिंग आपसी सहयोग और मतभेदों के समाधान सहित कई मोर्चों पर नई दिल्ली के साथ काम करेगा.उन्होंने आगे कहा ‘चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन पर अमल करने, द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक स्तर पर और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से संभालने, संचार को बढ़ावा देने, सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को उचित ढंग से सुलझाने और अच्छे पड़ोसी संबंधों का आनंद लेने वाले मित्र और एक-दूसरे की सफलता में मदद करने वाले साझेदार बनने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा’.प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर शी जिनपिंग करीब सात सालों में पहली बार भारत की यात्रा कर रहे हैं.

वो नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने आ रहे हैं. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होने की उम्मीद है. वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों को मजबूत करने और लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।शी जिनपिंग ने आखिरी बार अक्टूबर 2019 में भारत का दौरा किया था, जब वो दूसरे भारत-चीन अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए तमिलनाडु के मामल्लापुरम गए थे. यह बैठक भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच लद्दाख में चार साल से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध से ठीक छह महीने पहले हुई थी, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।

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