जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान से जंग को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लड़ाई से अमेरिका और दुनिया को हासिल क्या हुआ. ट्रंप को इजराइल पर कंट्रोल करना होगा, जिससे वो लेबनान पर हमला ना करे. उमर ने ट्रंप की भाषा पर भी सवाल उठाए. उन्होंने एक राष्ट्रपति के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता. ये किसी के लिए भी शोभा नहीं देता.उमर अब्दुल्ला ने कहा, मैंने तो पिछले दिनों कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति के बयानों का पता ही नहीं चलता. मुझे लगता है उनको खुद भी पता नहीं है वो क्या कर रहे हैं. सुबह उठके एक बात करते हैं, दोपहर को दूसरी बात, शाम को तीसरी बात और जिस तरह की लैंग्वेज का वो इस्तेमाल करते हैं, मैं तो कहता हूं वो अमेरिका के राष्ट्रपति तो छोड़िए, वो किसी को शोभा नहीं देती.सीएम ने कहा कि ट्रंप को याद करना चाहिए कि वो अमेरिका के राष्ट्रपति हैं. जिस तरह सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, आप और मैं… अगर उस तरह की लैंग्वेज इस्तेमाल करें तो हमें तो ब्लॉक कर देंगे.

हमारा अकाउंट सीज कर देंगे. हमें वो फेसबुक और ट्विटर वगैरह से खारिज कर देंगे. वह अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, लोग डरते हैं, इस वजह से कोई कार्रवाई नहीं हो सकती और बार-बार धमकी देना क्या?उमर अब्दुल्लाह ने आगे कहा, ट्रंप ये बताएं कि जंग के पीछे मकसद क्या था? क्योंकि अब सीजफायर के बाद अमेरिका ने कहा कि हमारी बहुत बड़ी कामयाबी हुई, हॉर्मुज स्ट्रेट खुला. तो ये तो पहले से खुला था और सबके मुफ्त था. इस जंग के बाद अब ईरान को मौका मिला, वो अब टोल टैक्स ले रहा है. तो फिर हासिल क्या हुआ?नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा कि ट्रंप को इजराइल पर कंट्रोल करना पड़ेगा. वो जिस तरह लेबनान पर बमबारी कर रहा है, जिस तरह बेगुनाह लोगों को मारा जा रहा है, आपको क्या लगता है सीजफायर होगा? अगर संघर्षविराम कामयाब नहीं होता तो इसमें ईरान का कसूर नहीं होगा सिर्फ और सिर्फ इजराइल का कसूर होगा.