Blog

गहरी संकट में फंसी कांग्रेस,कर्नाटक CM को लेकर नहीं उठा पा रही है कोई ठोस कदम!

गहरी संकट में फंसी कांग्रेस,कर्नाटक CM को लेकर नहीं उठा पा रही है कोई ठोस कदम!
  • PublishedDecember 20, 2025

कर्नाटक में एक बार फिर सीएम सिद्धारमैया के एक बयान ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है. उन्होंने पिछले दिनों चलीं सीएम बदलने की अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई बात नहीं है. मैं अपना पूरे 5 साल का कार्यकाल पूरा करुंगा. इस बात को कहते हुए उन्होंने ये भी दावा किया कि पार्टी हाईकमान का समर्थन उनके साथ है.कर्नाटक में पिछले कई महीनों से ऐसी खबरें सियासी गलियारों में चल रही हैं कि प्रदेश का सीएम डीके शिवकुमार को बनाया जा रहा है. ऐसा होने के पीछे तर्क दिया गया कि जब सरकार बनी थी, तब ही ऐसा तय किया गया था. उस समय तय किया गया था कि शुरुआत के 2.5 साल सिद्धारमैया और बाकी बचे हुए कार्यकाल में डीके शिवकुमार सीएम रहेंगे.अब मौजूदा सीएम सिद्धारमैया ने इस तरह के समझौते यानी पावर-शेयरिंग अरेंजमेंट को सिरे खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था. उन्होंने ये बात बेलगावी में लेजिस्लेटिव असेंबली सेशन के आखिरी दिन कही है. जबकि पिछले दिनों इस बात का जिक्र खुद डीके शिवकुमार कर चुके थे. हालांकि सीएम के इस ताजा बयान पर अब तक शिवकुमार ने कोई भी बयान नहीं दिया है.सिद्धारमैया ने कहा कि मैंने बस इतना ही कहा है. अभी भी, मैं मुख्यमंत्री हूं,

और जब तक हाईकमान कोई और फैसला नहीं करता, मैं मुख्यमंत्री बना रहेगा. मैंने ढाई साल के बारे में कभी कुछ नहीं कहा है. ढाई साल जैसा कोई एग्रीमेंट नहीं है.CM ने दोहराया कि वह अपना पूरा टर्म पूरा करेंगे. हम पूरा टर्म पूरा करेंगे और 2028 में सत्ता में वापस आएंगे…जब तक हाईकमान नहीं कहेगा, मैं CM हूं. बेलगावी में विधानमंडल के शीतकालीन अधिवेशन के आखिरी दिन सीएम सिद्धारमैया के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई है.शिवकुमार के समर्थक विधायकों का कहना है कि 2023 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल की डील हुई थी, लेकिन सिद्धारमैया समर्थक इसे नकारते आए हैं. कुछ विधायक जो डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं, वे दिल्ली जाकर पार्टी हाईकमान से भी मुलाकात कर चुके हैं.पूरे मामले को लेकर पार्टी के कई नेताओं ने कर्नाटक में दोनों नेताओं से बातचीत की थी. इसके बाद डीके और सिद्धारमैया की दो बार नाश्ते पर मुलाकात हुई थी. इससे ये माना जा रहा था कि अब सब कुछ ठीक हो चला है. इसी सब विवाद के बीच डीके शिवकुमार ने संकेत दिए थे कि वे जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ सकते हैं. सिद्धारमैया के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि अभी मामला शांत नहीं हुआ है.

Written By
Aagaaz Express

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *