क्या विपक्ष को खत्म करना चाहती है सरकार?सुरक्षा विवाद पर अर्पणा यादव का हमला

लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में की गई कटौती का मुद्दा बिहार की राजनीति में नया विवाद बन गया है अब विपक्ष के तमाम नेताओं के तरफ से सरकार के इस आदेश का खुलकर विरोध किया जा रहा है।इसी सिलसिले में अर्पणा यादव ने भी सम्राट सरकार पर जमकर हमला बोला है और कहा है कि जानबूझकर लालू परिवार के सदस्यों को सताया जा रहा है कभी सरकार आवास खाली कराने के लिए तो अब सुरक्षा वापस लेने का फरमान जारी करके।विपक्षी दलों के नेताओं के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। अर्पणा यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सशक्त विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सरकार को सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के प्रति समान व्यवहार करना चाहिए।बिहार सहित देश में आखिरकार भाजपा सरकार चाहती क्या है यह स्पष्ट कर देना चाहिए क्या सिर्फ सत्ता में रहने वाले लोगों को हीं सुरक्षा की ज़रूरत है या फिर जो पूर्व में मुख्यमंत्री रहे है उनकी जान की खतरा नहीं है।सीधे तौर पर सरकार की रवैया से यह पता चल रहा है कि देश से विपक्ष को खत्म करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे है।यह सरकार लगातार विपक्ष के बड़े नेताओं को परेशान कर रही है पिछले दिनों की बात कर ली जाएं तो केजरीवाल और हेमंत सोरेन को भी इनलोगों ने जेल में डालकर उनकी राजनीतिक कैरियर को खत्म करने की साजिश दिखा चुकी है।आगे अर्पणा यादव ने विपक्ष के तमाम नेताओं से आग्रह करते हुए कहा कि जब सरकार विपक्ष को कुछ समझती हीं नहीं है.

न हीं विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा की जरूरत दिख रही है तो इससे बेहतर है कि देश के सभी विपक्ष के पूर्व और वर्तमान विधायक और सांसदों को अपनी-अपनी सुरक्षा सरकार को वापस कर देनी चाहिए।उन्होंने विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी बात रखने की अपील भी की है।साथ ही अर्पणा यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में यादव जाति को लेकर नकारात्मक धारणाएं बनाई जा रही हैं,जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति या वर्ग को सामूहिक रूप से अपराध या अन्य नकारात्मक छवियों से जोड़ना उचित नहीं है।यादव जाति को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि इस सरकार को सबसे अधिक यादवों से दिक्कत है क्योंकि यह सरकार नहीं चाहती है कि यादव समाज राजनीतिक और शैक्षणिक तौर पर विकास कर सकें इसलिए इस समाज को लगातार अपराधी और गुंडा घोषित करके बदनाम कर रही है।

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