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बिहार में फिलहाल चल रही है दर्जनों कल्याणकारी योजनाएं,मिल रही है हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं

बिहार में फिलहाल चल रही है दर्जनों कल्याणकारी योजनाएं,मिल रही है हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं
  • PublishedNovember 14, 2025

बिहार के सियासी अखाड़े में इस वक्त सबकी नज़रें टिकी हुई हैं. विधानसभा चुनावों के लिए जारी हुए लगभग सभी एग्जिट पोल एक ही कहानी बयां कर रहे हैं – भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस के महागठबंधन को इन अनुमानों में फिलहाल पिछड़ता हुआ दिखाया गया है. चुनावी समर में पहली बार उतरे रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ को लेकर भी अटकलें थीं, लेकिन पोल के मुताबिक उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा दो-तीन सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है.हालांकि, ये याद रखना ज़रूरी है कि एग्जिट पोल केवल एक अनुमान होते हैं, अंतिम नतीजे नहीं. कई बार ऐसा देखा गया है कि असली नतीजे इन अनुमानों से बिल्कुल अलग होते हैं. बिहार का असली जनादेश क्या है, इसका फैसला तो आज शाम तक आने वाले आधिकारिक परिणामों से ही होगा.इधर अनंत सिंह और सूरजभान के घर बन रही मिठाई, उधर RJD नेता की धमकी-काउंटिंग रुकी तो नेपाल बना देंगेलेकिन इस चुनावी शोर और हार-जीत के के बीच, असल मुद्दा वो है जो सीधे आपकी और हमारी जिंदगी से जुड़ा है. सरकारें आती-जाती रहती हैं, पर वो कौन सी योजनाएं हैं जो बिहार की जनता की तकदीर बदलने का दम रखती हैं? हम आपको बिहार में चल रही उन प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बता रहे हैं, जिनका फायदा सीधे आम नागरिक उठा सकते हैं.

युवाओं का भविष्य संवारने पर ज़ोरबिहार सरकार का एक बड़ा फोकस राज्य के युवाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने पर रहा है. इसके लिए कई योजनाएं चल रही हैं.बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: यह योजना उच्च शिक्षा का सपना देख रहे छात्रों के लिए एक बड़ा सहारा है. अगर कोई छात्र 12वीं के बाद बीए, बीएससी, बीटेक या एमबीबीएस जैसी पढ़ाई करना चाहता है, तो उसे सरकार की गारंटी पर ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण बेहद कम ब्याज दरों पर मुहैया कराया जाता है.छात्रावास (हॉस्टल) की सुविधा: राज्य के 38 जिलों में “अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास” चलाए जा रहे हैं. इनमें रहने वाले OBC छात्रों को न सिर्फ मुफ्त आवास मिलता है, बल्कि प्रति वर्ष ₹12,000 की सहायता और हर महीने 15 किलो मुफ्त अनाज (चावल-गेहूं) भी दिया जाता है. इसी तरह की “जन-नायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावास योजना” भी है, जिसमें छात्रों को ₹1000 प्रति माह का अनुदान और अनाज मिलता है.प्रोत्साहन और छात्रवृत्ति: पढ़ाई में होशियार बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं. “मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना” के तहत, मैट्रिक या इंटरमीडिएट में फर्स्ट डिवीज़न से पास होने वाले अल्पसंख्यक छात्रों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है. वहीं, “मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना” के तहत, मैट्रिक में प्रथम श्रेणी लाने वाले अत्यंत पिछड़े वर्ग के छात्रों को एकमुश्त वित्तीय मदद दी जाती है.आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमसरकार का प्रयास सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं और महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने पर भी है.मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: यह योजना विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए है. इसके तहत, पात्र महिलाओं को अपना काम शुरू करने के लिए पहले ₹10,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है. बाद में, यदि वे अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहती हैं, तो उन्हें ₹2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय मदद भी प्रदान की जाती है.बिहार लघु उद्यमी योजना: यह योजना उन परिवारों के लिए है जो खुद का कोई छोटा-मोटा काम शुरू करना चाहते हैं. इसके अंतर्गत, चिन्हित परिवारों को स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए ₹2 लाख तक की सीधी आर्थिक मदद दी जाती है.बेरोजगारी भत्ता: जो युवा पढ़-लिखकर नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए “मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना” है. 20 से 25 साल के ऐसे बेरोजगार युवाओं को, रोजगार खोजने की अवधि के दौरान, अधिकतम दो साल तक हर महीने ₹1,000 का भत्ता दिया जाता है.हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएंकल्याणकारी योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा समाज के हर तबके तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने और जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा देने पर केंद्रित है.बुनियादी ज़रूरतें: “हर घर नल का जल” योजना के जरिए राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों में पाइपलाइन से साफ पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है. इसके साथ ही, 1 अगस्त 2025 से सभी घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने की भी घोषणा की गई है, जो एक बड़ी राहत हो सकती है.सामाजिक पेंशन और सहायता: “लक्ष्मी बाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना” के तहत, 18 वर्ष से अधिक उम्र की उन सभी विधवा महिलाओं को मासिक पेंशन दी जाती है, जिनकी पारिवारिक आय कम है. इसी तरह, “राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना” के अंतर्गत, यदि परिवार के कमाने वाले मुख्य सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तो उस पीड़ित परिवार को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.किसानों के लिए भी पहल: मछली पालकों की आय बढ़ाने के लिए “निजी तालाबों का जीर्णोद्धार” योजना चलाई जा रही है, जिसमें मछली किसान अपने तालाबों के विस्तार या नवीनीकरण के लिए सरकारी सहायता ले सकते हैं.बिहार की राजनीतिक तस्वीर आज शाम तक पूरी तरह साफ हो जाएगी, लेकिन ये योजनाएं किसी एक दिन का नतीजा नहीं हैं. ये वो पहल हैं जो लगातार चल रही हैं और जिनका मकसद आम आदमी की जिंदगी को आसान और बेहतर बनाना है. सरकार चाहे किसी की भी बने, एक जागरूक नागरिक के तौर पर इन योजनाओं की जानकारी रखना आपका हक भी है और ज़रूरत भी. आप इन सभी योजनाओं और अन्य सरकारी पहलों के बारे में विस्तृत जानकारी ‘मायस्कीम’ (myScheme) या ‘डीबीटी बिहार’ (DBT Bihar) की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं.

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Aagaaz Express

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