औने-पौने दाम में धान बेचने के लिए मजबूर है किसान,राजद विधायक ने बिहार विधानसभा में उठाई आवाज

विधानसभा में जेडीयू विधायक मंजीत कुमार सिंह ने और सर्वेक्षित जमीन की खरीद बिक्री का मामला उठाया. बरौली विधायक मंजीत कुमार सिंह के सवाल पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि, विशेष सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण किया जाएगा. मंजीत सिंह ने कहा कि बिहार में क्षेत्रफल का 20 फीसदी हिस्सा सर्वेक्षित है. एक समय सीमा निर्धारित कर दी जाए, जिससे झंझट न हो. इस पर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर सर्वे का काम दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश पर भूमि कल्याण जन संवाद शुरू किया गया है, जिससे लोगों को राहत मिले. सिर्फ परिमार्जन का 40 लाख आवेदन है. इस पर भी काम किया जा रहा है, लेकिन जिसपर विवाद है, वहां न्यायालय के आदेश का इंतजार करना होगा, बाकी जिसमें कोई समस्या नहीं है, उसे जल्द सुलझाने का काम किया जा रहा है.

आरजेडी विधायक कमरेंद्र कुमार ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 45 लाख एमटी निर्धारित था, जिसे घटा कर 36 लाख 85000 एमटी कर दिया गया है. इस पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि, केंद्र सरकार से हम बातचीत कर रहे हैं, केंद्रीय मंत्री से समय भी मांगा गया हैं, और जल्द ही इसका समाधान हो जाएगा.आरजेडी विधायक सर्वजीत ने बिहार के किसानों का धान बंगाल और उत्तर प्रदेश के लोग खरीद रहे हैं, किसान औने पौने दाम में बेचने के लिए मजबूर हैं. बिहार में डबल इंजन की सरकार है तो फिर किसान क्यों कम कीमत में धान बेचने को मजबूर हो. विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्री का बचाव किया और कहा कि मंत्री ने कहा है, कि केंद्र सरकार से बातचीत कर रहे हैं तो जल्द समाधान हो जाएगा।

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