दिल्ली के विवेक विहार में कैसे हुई इतनी बड़ी कांड?लापरवाही से चली गई इतने लोगों की जान

दिल्‍ली में विवेक विहार के बी ब्‍लॉक की एक इमारत में बीती रात भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया ने बताया कि इमारत के बैक साइड में टॉप फ्लोर के फ्लैट्स में रहने वाली फैमिली आ लगने के बाद नहीं निकल पाईं. शायद उन्‍हें समय पर पता ही नहीं लग पाया कि आग इतनी भीषण है. अगर आग लगने के बाद शुरुआत में रेस्‍क्‍यू किये गए लोग बैक साइड वाले फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को फोन पर अलर्ट कर देते, तो शायद उनकी भी जान बच सकती थी. घटनास्‍थल पर मौजूद दमकल अधिकारी ने बताया, “यह एक आवासीय इमारत है जिसमें सिर्फ एक सीढ़ी है. छत पर ताला लगा हुआ था. नौ लोग घायल हुए हैं और हमने लगभग 15 लोगों को बचा लिया है. इनमें से एक व्यक्ति 30 प्रतिशत तक जल गया है और उसे जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है,”प्रत्यक्षदर्शी चरणजीत सिंह ने बताया, ‘अभी तक 10 दमकल की गाडि़यां यहां आ चुकी है. लगभग 20 लोगों को दमकल विभाग के लोगों ने बालकनी में सीढ़ी लगाकर निकाला है. लेकिन बिल्डि़ग के टॉप फ्लोर के बैकसाइड के जो 2 फ्लैट हैं, उनमें से लोग नहीं निकल पाए हैं. इसमें थोड़ी-सी चूक ये हुई कि जो फ्रंट साइड के फ्लैट के लोगों को निकाला गया, उन्‍हें दूसरे लोगों को अलर्ट कर देना चाहिए था कि इमारत में आग लग गई है, ताकि वे लोग भी समय रहते निकल पाते.”प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “रात को लगभग साढ़े तीन बजे इमारत में आग लगी है. ऐसा लग रहा है कि आग लगी और बैकसाइड वाले फ्लैट्स के लोग सोते के सोते रहे गए. इस पूरी इमारत में कुल 8 फ्लैट हैं. टॉप फ्लोर के 2 फ्लैट की फैमिली नहीं निकल पाई हैं, वे अभी तक अंदर ही हैं.” शुरुआती जांच में आग लगने की वजह एसी में हुआ ब्‍लास्‍ट बताया जा रहा है. एक अन्‍य प्रत्‍यक्षदर्शी ने बताया, “एसी में आग लगने के कारण ये आग पूरी इमारत में फैल गई.

आग लगने के तुरंत बाद फायरब्रिगेड की गाड़ी आ गई थी. शुरुआत में कुछ लोगों को सीढ़ी लगाकर बालकनी ने रेस्‍क्‍यू किया गया. इसके बाद पीछे से सरिया काटकर भी लोगों को निकाला गया. हालांकि, अभी तक 4 से 5 लोगा मिसिंग बताए जा रहे हैं.” दिल्‍ली पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि इस आग की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है. आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंज़िल पर बने फ्लैटों में लगी थी. बचाव और आग बुझाने के काम के दौरान, बिल्डिंग से 10-15 लोगों को बचाया गया, जिनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल ले जाया गया. DDMA स्टाफ, ट्रैफिक अधिकारियों और लोकल पुलिस के साथ 12 फायर टेंडर मौके पर हैं.

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