West Bengal में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद Suvendu Adhikari की लीडरशिप में नई सरकार का गठन हुआ है। शुभेंदु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ लेने के साथ ही अपने मंत्रिमंडल में सामाजिक और जातीय संतुलन को साधने का प्रयास किया है। बीजेपी ने कैबिनेट के जरिए पश्चिम बंगाल के अलग-अलग समुदायों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का मैसेज दिया है।नए मंत्रिमंडल में खुद सीएम शुभेंदु अधिकारी ब्राह्मण चेहरे के रूप में हैं। वहीं, बीजेपी ने SC समाज को साधने के लिए अशोक कीर्तनिया को मिनिस्टर बनाया है, जो मतुआ समुदाय से हैं। बंगाल की राजनीति में मतुआ समुदाय काफी प्रभावशाली माना जाता है और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में इसका बड़ा वोट बैंक है।वहीं, आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए शुभेंदु कैबिनेट में खुदीराम टुडू को शामिल किया गया है।

वे संथाल समुदाय से हैं। बंगाल के आदिवासी बहुल इलाकों में BJP अपनी पकड़ लगातार मजबूत करने का प्रयास कर रही है, ऐसे में यह निर्णय सियासी रूप से अहम माना जा रहा है।साथ ही, अग्निमित्रा पॉल को मंत्री बनाकर BJP ने सवर्णों को साधने की कोशिश की है। अग्निमित्रा पॉल लंबे वक्त से पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं। महिला नेतृत्व के रूप में अग्निमित्रा पॉल की पहचान मजबूत है।OBC वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए BJP ने दिलीप घोष को भी कैबिनेट में शामिल किया है। वहीं, नॉर्थ बंगाल की सियासत में प्रभाव रखने वाले राजवंशी समुदाय को लीडरशिप देने के लिए निशीथ प्रमाणिक को मिनिस्टर बनाया गया है।माना जा रहा है कि बीजेपी ने इस कैबिनेट के माध्यम से पश्चिम बंगाल के करीब हर बड़े सामाजिक वर्ग को साधने की स्ट्रैटेजी अपनाई है, ताकि सरकार के साथ-साथ संगठन के लेवल पर भी बीजेपी की पकड़ मजबूत रहे।