बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की वोटिंग जारी है. सुबह 11 बजे तक 121 सीटों पर 27.65 प्रतिशत मतदान हुआ है. हालांकि, मुस्लिम बहुल सीटों पर उस रफ्तार से वोटिंग होती नजर नहीं आ रही है, जिसकी उम्मीद की जा रही है. आमौर से लेकर केवटी पर मतदान प्रतिशत काफी कम देखने को मिल रहा है. दरभंगा में सुबह 11 बजे 23.90 प्रतिशत वोट पड़े हैं. इस बीच आरजेडी ने आरोप लगाया है कि कुछ बूथों पर जानबूझकर वोटिंग धीरे कराई जा रही है. हालांकि, इन आरोपों को चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है.इससे पहले सुबह 9 बजे तक 121 सीटों पर कुल 13.13% वोटिंग हुई है. मतदान के शुरुआती दो घंटों में ये रफ्तार अच्छी है. लेकिन मुस्लिम बहुल सीटों पर वोटिंग की रफ्तार कुछ धीमी नजर आ रही है. दरभंगा ग्रामीण विधानसभा सीट पर 9 बजे तक सिर्फ 11.52% वोटिंग हुए हैं. वहीं, गौरा बौराम सीट पर 9 बजे तक 12.56% मतदान हुआ है. चुनाव के पहले चरण में 121 विधानसभा सीटों के 3.75 करोड़ से ज्यादा मतदाता 1314 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे. इस चरण में एनडीए और महागठबंधन के कई दिग्गजों का सियासी भविष्य दांव पर लगा है.

चुनाव के पहले चरण में जिन 121 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें एनडीए के 121 उम्मीदवार और महागठबंधन के 126 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें से कुछ ऐसी सीटें भी हैं, जिन पर मुस्लिम वोटर्स निर्णायक भूमिका में हैं. इन सीटों पर 40% से ज्यादा आबादी मुस्लिम है. ऐसे में इन सीटों पर वोटिंग ट्रेंड पर सबकी नजर बनी हुई है।मुस्लिम बहुल सीट अमौर विधानसभा सीट जदयू के सबा जफर, कांग्रेस के अब्दुल जलील मस्तान और औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम से अख्तरुल ईमाम चुनाव मैदान में हैं. पिछले चुनाव में इस सीट पर अख्तरुल ईमाम ने बाजी मारी थी. हालांकि, इस बार उनके सामने कड़ी चुनौती है।दरभंगा ग्रामीण विधानसभा सीट आरजेडी का M-Y (मुस्लिम-यादव) समीकरण बेहद मजबूत है. ललित कुमार यादव की व्यक्तिगत छवि और जमीनी पकड़ भी उनकी लगातार जीत का एक बड़ा कारण है. विधानसभा चुनाव में भी RJD अपनी इसी रणनीति पर कायम रहेगी।सिवान विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच देखने को मिला है. मुस्लिम वोटर नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आमतौर पर राजद/महागठबंधन को ही अपना बड़ा समर्थन देते हैं. साथ ही चुनाव परिणाम को प्रभावित करते हैं।