राष्ट्रीय जनता दल के कद्दावर नेता और लालू परिवार के भरोसेमंद शिवचंद्र राम ने इस्तीफा दे दिया है. पूर्व विधायक ने पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी में उनको मान-सम्मान नहीं मिल रहा है. अपनी बात रखते हुए पूर्व मंत्री फूट-फूटकर रोने लगे.पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया है. पत्रकारों के सामने अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए वह फूट-फूटकर रो पड़े. उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी के लिए सर्वस्व न्यौच्छावर कर दिया लेकिन इसके बावजूद पार्टी में मान-सम्मान नहीं मिला.”मैं तीन-चार दिन में जो जिंदगी बितायी है, भगवान ऐसी जिंदगी किसी को नहीं दे. मैं 4 रात सो नहीं पाया. हमारा कहना है कि हम पार्टी के वर्कर हैं, हम पार्टी के दरबारी हैं, हम पार्टी के मजदूर हैं. अपने नेता के प्रति हम हमेशा से श्रद्धा के साथ काम करता था. हमने देखा हमारे साथ नाइंसाफी हुई है. हमारे दलित समाज के लोगों के साथ धोखा हुआ है.”-माना जा रहा है कि वह विधान परिषद नहीं भेजे जाने से वह नाराज हैं. उनके मुताबिक उनको आश्वासन मिला था लेकिन पार्टी ने उनकी वफादारी का कद्र नहीं किया.

उन्होंने कहा कि जब भी जरूरत पड़ी, वह पार्टी के लिए खड़े रहे. न केवल उनके साथ, बल्कि दलित समाज के साथ भी धोखा हुआ है.आरजेडी ने शिवचंद्र राम की जगह निवर्तमान एमएलसी सुनील सिंह पर ही फिर से भरोसा जताया है. आज नामांकन के आखिरी दिन उन्होंने पर्चा भरा. सुनील सिंह भी लालू परिवार के करीबी हैं और राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई हैं. हालांकि उनकी उम्मीदवारी पर रोहिणी आचार्य ने भी नाराजगी जाहिर की और और सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया था.55 वर्षीय शिवचंद्र राम लालू यादव और तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं. वह दलित समाज से आते हैं. आरजेडी युवा मोर्चा के भी अध्यक्ष रहे हैं. 2015 में आरजेडी के टिकट पर वैशाली जिले की राजा पाकर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. महागठबंधन की सरकार में वह कला, संस्कृति और युवा मामलों के मंत्री रह चुके हैं. हालांकि 2020 और 2025 के चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा है. 2019 में हाजीपुर लोकसभा सीट से पशुपति पारस के हाथों हार चुके हैं.