पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (AITC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने 8 अप्रैल 2026 को भवानीपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कई अहम बातें कहीं, जो बंगाल चुनावों को लेकर बेहद अहम ही है. ममता बनर्जी ने कहा कि वह पूरे 365 दिन यहीं रहती हैं और यह उनकी कर्मभूमि है. उन्होंने भवानीपुर के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी 294 सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की. उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि तृणमूल कांग्रेस फिर से सरकार बनाएगी और बीजेपी अपने मिशन में फेल होगी.वहीं नामांकन फाइल करने के बाद उन्होंने SIR पर हमला बोला. उन्होंने कहा, “मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बहुत लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. 1.2 करोड़ वोटरों में से सिर्फ 32 लाख नाम ही बचे हैं. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मैंने सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया था.” उन्होंने बताया कि पहले चरण में 58 लाख वोटरों के नाम कट चुके हैं और यह मामला अभी पूरी तरह खुला है. उन्होंने यह भी कहा कि डुप्लीकेट या मृत वोटरों के नाम हटाए जाने चाहिए, लेकिन बिना वजह नाम काटना सही नहीं है.

ममता बनर्जी ने कहा कि 27 लाख से अधिक ऐसे वोटर हैं जो विचाराधीन (under adjudication) हैं और अभी तक उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं जोड़े गए हैं. उनका मानना है कि इन लोगों को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए. उन्होंने बताया, “सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि विचाराधीन लोग असली वोटर हैं. जिन लोगों के नाम अभी भी नहीं जुड़ पाए हैं, वे ट्रिब्यूनल में अपील करेंगे. प्रक्रिया को रोककर रखने का क्या फायदा? हम जरूरी कदम उठाएंगे.” ममता बनर्जी ने साफ किया कि उनकी पार्टी इस मामले में पूरी तरह सक्रिय है और वोटरों के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी.ममता बनर्जी जब केंद्र के पास पहुंच तो उन्हें नारे लगा रहे समर्थकों ने घेर लिया. मुख्यमंत्री ने लगभग 800 मीटर की दूरी पैदल तय की, इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर पार्टी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और एक बेहद अहम मुकाबले से पहले आत्मविश्वास दिखाने की कोशिश की.