मंत्री नितेश राणे ने मदरसों पर दिया आपत्तिजनक बयान,कहा-घुसेगा भी और मारेगा भी

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे अक्सर अपने विवादास्पद बयानों के चलते सुर्खियों में रहते हैं। इस बार मुंब्रा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए वे बेहद आक्रामक रुख में नजर आए। उन्होंने मदरसों को आतंकियों की फैक्ट्री करार दिया साथ ही मुंब्रा देवी का नाम बदलने की बात भी कही। फिर उन्होंने एक चेतावनी भरे लहजे में कहा-यह देवा भाऊ का महाराष्ट्र है, घुसेगा भी और मारेगा भी। नीतीश राणे के इस बयान ने सियासत में खलबली पैदा कर दी।मदरसों पर कड़ा प्रहार करते हुए राणे ने आरोप लगाया कि वहां डॉक्टर या इंजीनियर नहीं, बल्कि आतंकवादी तैयार किए जाते हैं। उन्होंने सहर यूनिस शेख के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी विचारधारा मदरसों से ही आती है।

राणें ने कहा-“जो आज कल भाषण में बोल रहे हैं,ठीक है आजकल के बच्चे हैं थोड़ा लोक प्रतिनिधि बन गए तो इसको वहां हरा कर देंगे ( सहर यूनिस शेख के बयान पर ) कोई बात नहीं वह लोकप्रतिनिधि है इसलिए उस पर कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन उसकी विचारधारा महत्वपूर्ण है। इन्हें बचपन से मदरसों में सिखाया जाता है, मदरसों में बैठकर इन्हें डॉक्टर और इंजीनियर नहीं बनाया जाता वहां आतंकवादी तैयार किए जाते हैं। उसके बाद उन लोगों कीजुबान से ऐसे शब्द बाहर आते हैं।इन सभी मदरसों को बंद कर देना चाहिए और इन सभी आतंकवादियों को बाहर निकालो। आप थोड़ा रुकिए। हम धर्मांतरण कानून लेकर आए ना अब अगला नंबर मदरसों का है।नितेश राणे मुंब्रा का नाम बदलकर मुंब्रा देवी करने की बात भी कही। उन्होंने कहा- ‘आप चिंता मत करिए हमने इस्लामपुर का ईश्वरपुर किया हम मुंब्रा का भी मुंब्रा देवी करेंगे। आप सभी को अपनी जुबान देकर जा रहा हूं, कोई जीतुद्दीन (जितेंद्र आव्हाड ) कुछ नहीं कर पाएगा। ऐसों को मैं सुबह नाश्ते में खाता हूं। उसको हम महाराष्ट्र में लव जिहाद कानून लेकर आए अब कोई हमारे हिंदू बहन को तिरछी नजर से देखें। अब आने दो किसी भी शाहरुख खान, आमिर खान को 7 साल जेल में रहेंगे साबुन भी नहीं उठा पाएंगे। मैं क्या कह रहा हूं मेरी बात को समझना। भाषण के अंत में उन्होंने फिल्म ‘धुरंधर’ का डायलॉग दोहराते हुए चेतावनी दी कि यह “यह देवा भाऊ का महाराष्ट्र है, घुसेगा भी और मारेगा भी।”देखा ना सभा में माफी मांगनी पड़ी अच्छा हुआ की सभा में मिला और अच्छा हुआ कि मैं मंत्री हूं। नहीं तो वापस घर नहीं जा पाता।’

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