इस मामले में पप्पू यादव करने वाले हैं बड़ा खुलासा,किस मंत्री का नाम लेने वाले हैं सांसद साहेब?

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार शाम बड़ी राहत मिली। तीन मामलों में जमानत मिलने के बाद वे बेउर जेल से बाहर आए। उनकी गिरफ्तारी 7 फरवरी को हुई थी।जेल से रिहा होने के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मेरी हत्या का प्रयास किया गया, और इसमें दिल्ली, बिहार तथा पूर्णिया के एक नेता की गहरी साजिश शामिल है।पप्पू यादव ने पटना के एसएसपी, सिटी एसपी और एक इंस्पेक्टर पर भी उन्हें फंसाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पहले भी “लॉरेंस मामले” में उन्हें अपमानित कराने की कोशिश की गई थी।सांसद ने दावा किया कि खेमका हत्याकांड में वे एक मंत्री का नाम उजागर करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उस मामले में हुआ एनकाउंटर गलत था। इसके साथ ही रूपेश हत्याकांड में वे जल्द ही रिट याचिका दायर करेंगे।पप्पू यादव ने फुलवारीशरीफ पहुंचकर उस छात्रा के परिजनों से मुलाकात की, जिसकी संदिग्ध परिस्थितियों में तीन मंजिला इमारत से गिरने से मौत हो गई थी। उन्होंने परिवार को न्याय की लड़ाई लड़ने का भरोसा दिलाया।

इससे पहले एमपी-एमएलए के विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत ने सांसद को तीनों मामलों में जमानत दी। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय आनंद और अजय कुमार ने अलग-अलग जमानत याचिकाएं दाखिल की थीं।अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रत्येक मामले में ₹10,000 के निजी मुचलके और उतनी ही राशि के दो जमानतदारों की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया।अधिवक्ता के अनुसार, तीन मामलों में से दो पुराने थे—कोतवाली थाना कांड संख्या 279/2017: सरकारी कार्य में बाधाकोतवाली थाना कांड संख्या 1113/2019: प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शनबुद्धा कॉलोनी थाना कांड संख्या 72/2026: सरकारी कार्य में बाधाबताया गया कि एक पुराने मुकदमे गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 552/1995 में जारी कुर्की-जब्ती आदेश और वारंट के आधार पर 7 फरवरी को गिरफ्तारी हुई थी, जिसमें पहले ही जमानत मिल चुकी है।

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