इजराइल में खूब गरजे पीएम मोदी,दोनों देशों के बीच मजबूत हुआ संबंध
पीएम मोदी ने इजराइली संसद संबोधित करते हुए कहा, पूरे भारत के लोगों की ओर से आपको शुभकामनाएं देता हूं. मेरे लिए ये गर्व का पल है. नौ साल पहले मुझे इजराइल आने वाले भारत के पहले पीएम बनने का सौभाग्य मिला था. मैं यहां फिर से आकर बहुत खुश हूं. उस जमीन पर लौटा हूं जिसकी ओर मैं हमेशा खिंचा चला आता था. अपने संबोधन में पीएम भारत-इजराइल संबंध, आतंकवाद, इनोवेशन जैसे मुद्दों पर बोले।इजराइल पर हमास के हमले को लेकर पीएम मोदी ने कहा, मैं भारत के लोगों की तरफ से हर उस जान के लिए संवेदनाएं रखता हूं, जो 7 अक्टूबर को हमास के उस भयानक आतंकवादी हमले में गई. हर उस परिवार के लिए संवेदना जिनकी दुनिया तबाह हो गई. हम आपका दर्द समझते हैं. हम आपके दुख में शामिल हैं. भारत इस समय और आगे भी पूरे भरोसे के साथ इजराइल के साथ मजबूती से खड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, बेगुनाहों की हत्या को कोई भी सही नहीं ठहरा सकता. कोई भी आतंकवाद को सही नहीं ठहरा सकता. भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है. हमें 26/11 के मुंबई हमले और उसमें मारे गए बेगुनाह लोगों की जान याद है, जिसमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे. आपकी तरह हमारी भी आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस की एक जैसी और बिना किसी समझौते वाली पॉलिसी है, जिसमें कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं है.पीएम मोदी ने कहा, आतंकवाद का मकसद समाज को अस्थिर करना, विकास को रोकना और भरोसा खत्म करना है. आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए लगातार और मिलकर दुनिया भर में कार्रवाई करने की ज़रूरत है. आतंकवाद हर जगह शांति के लिए खतरा है. इसीलिए भारत उन सभी कोशिशों का समर्थन करता है जो शांति और स्थिरता में मदद करती हैं.पीएम मोदी ने कहा, पिछले महीने दुनिया ने इंटरनेशनल होलोकॉस्ट रिमेम्बरेंस डे मनाया. होलोकॉस्ट इंसानियत के सबसे काले चैप्टर में से एक है. फिर भी उन मुश्किल सालों में भी इंसानियत के कुछ काम अलग दिखे. गुजरात के नवानगर के महाराजा, जिन्हें जाम साहेब के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने पोलिश बच्चों को शरण दी, जिनमें यहूदी बच्चे भी शामिल थे।