दिल्ली समेत कई राज्यों में प्रदूषण ने बढ़ाई लोगों की परेशानी,खुले में जीना हुआ मुश्किल

उत्तर भारत के कई बड़े शहरों में बुधवार सुबह एयर क्वालिटी बेहद खराब दर्ज की गई. सबसे खराब स्थिति नोएडा में देखी गई, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 417 पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. दिल्ली का AQI भी 391 रहा, जो ‘बहुत खराब से गंभीर श्रेणी की सीमा’ पर है.इसके अलावा ग्रेटर नोएडा (402), चंडीगढ़ (397), गुरुग्राम (370) और फरीदाबाद (387) में भी हवा का स्तर खतरनाक बना हुआ है.राजधानियों में भी हालत चिंताजनक है. लखनऊ का AQI 368, जबकि भोपाल में यह 228 रिकॉर्ड किया गया. राजस्थान की राजधानी जयपुर के हालात अपेक्षाकृत बेहतर रहे, जहां AQI 277 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. हिमाचल प्रदेश के बद्दी में एक्यूआई 273 और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 261 है.

ऋषिकेश में एक्यूआई लेवल 109 है.नोएडा: 417ग्रेटर नोएडा: 402दिल्ली: 391चंडीगढ़: 397फरीदाबाद: 387गुरुग्राम: 370लखनऊ: 368जयपुर: 277भोपाल: 228आगरा: 162प्रयागराज: 312विशेषज्ञों के अनुसार, ‘गंभीर’ श्रेणी में हवा का स्तर हर आयु वर्ग के लोगों के लिए हानिकारक माना जाता है. इससे सांस की दिक्कत, आंखों में जलन, सिरदर्द और हृदय संबंधी समस्याएँ तक बढ़ सकती हैं.बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करेंसुबह-शाम की सैर से बचेंघर के भीतर एयर प्यूरीफायर चलाएंबुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा या हृदय रोगी विशेष सावधानी बरतेंबढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को घोषणा की कि 18 दिसंबर से राष्ट्रीय राजधानी में वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र के बिना वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सिरसा ने कहा कि वाहन मालिकों को नियम का पालन करने के लिए एक दिन का समय दिया गया है. उन्होंने कहा कि कल के बाद, जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा.

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