बिहार चुनाव में अहम रोल निभाएंगी प्रियंका गांधी,तेजस्वी से सीट बंटवारे पर करेंगी चर्चा!
बिहार में बड़ा इंटरेस्टिंग डेवलपमेंट हुआ है। बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के बीच मतभेद उभर कर आ गए हैं। नाराज लालू प्रसाद यादव ने सोनिया गांधी को फोन किया। तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के बीच सहमति नहीं बन पा रही। तो ये पूरा समीकरण क्या है? बिहार की राजनीति में क्या हो रहा है, इस पर मैं आपसे आज चर्चा करने जा रहा हूं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में वोट अधिकार यात्रा रैली निकाली थी। 16 दिन चली इस यात्रा में राहुल गांधी और तेजस्वी ने 1300 किलोमीटर की दूरी साथ मिलकर नापी थी और 23 जिलों को उन्होंने कवर किया था। राहुल गांधी की यात्रा का 1 सितंबर को पटना में समापन हुआ था। इस रैली से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह था। कांग्रेस को लग रहा था कि राहुल गांधी के इस रैली ने कांग्रेस के अंदर जान फूंक दी है। 9 सितंबर को बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ राहुल गांधी ने दिल्ली में बैठक की।

इस बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी, बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम, बिहार कांग्रेस के विधायक दल के नेता शकील अहमद, बिहार में विधान परिषद में पार्टी के नेता मदन मोहन झा और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव उपस्थित थे। इस बैठक में सभी नेताओं ने राहुल गांधी से उनकी यात्रा को पर बधाई दी और कहा कि उनकी यात्रा बहुत सफल रही है और इस बैठक में मोटा मोटी बात तय हुआ कि 70 से कम सीटों पर कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ेगी। अगर 2020 विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था। उस विधानसभा चुनाव में 19 सीटों पर उसकी जीत हुई थी। चार सीटों पर कांग्रेस की जमानत जब्त हो गई थी। इस बार यह तय किया गया है कि कम से कम 70 सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा क्योंकि इस बार कांग्रेस अपने आप को बिहार में बेहतर देख रही है। फिलहाल बिहार में कांग्रेस के राहुल गांधी और आरजेडी के तेजस्वी यादव ने मिलकर जो यात्रा निकाली थी, वोट अधिकार यात्रा। उस दौरान जो याराना उत्पन्न हुआ था, वह अब मुझे लगता है कि खटाई में पड़ गया है। दोनों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान बहुत चरम पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ लालू प्रसाद यादव को अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव से भी चुनौती मिल रही है। जिस तरीके से वह उम्मीदवार खड़े करते जा रहे हैं, जिस तरीके से लालू परिवार या लालू की पार्टी में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं, वह भी लालू के लिए चिंता की बात है। फिलहाल लालू प्रसाद यादव ने अपने बेटे को सपोर्ट करने के लिए मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपने हाथ में कमान ले ली है। उन्होंने तेजस्वी से कहा है कि कांग्रेस से निपटना मुझे आता है, मैं कांग्रेस से निपट लूंगा।कांग्रेस के मामले में अंतिम फैसला लूंगा। फिलहाल लालू प्रसाद यादव ड्राइविंग सीट पर हैं। तेजस्वी कांग्रेस को लेकर, गठबंधन को लेकर, सीटों के बंटवारे को लेकर पीछे की स्थिति में चले गए हैं। तो क्या कांग्रेस और आरजेडी में कोई समझौता होगा? कह रहे हैं कि अजय माकन ने बिहार कांग्रेस से कहा है कि 243 सीटों पर उम्मीदवार तय करो। अगर गठबंधन नहीं होता है तो हम 243 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। तो क्या महागठबंधन में यह स्थिति आ गई है कि लालू प्रसाद यादव के आने के बाद कोई सीटों का समीकरण गड़बड़ा रहा है तो क्या कांग्रेस अकेले मैदान में जाने की तैयारी करेगी? फिलहाल मुझे इसकी संभावना कम लग रही है। सीटों का बंटवारा होगा, सहमति होगी। आने वाले दिनों में ही तय होगा कि बंटवारा कैसे होता है।