पेट्रोल-डीजल की खरीद पर जनता से बोली सरकार,पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है इसलिए घबराएं नहीं

सरकार ने ईंधन की खरीदारी को लेकर कहा कि पिछले तीन दिनों में 112 पेट्रोल पंपों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 35 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर पेनल्टी लगाई गई है।केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि युद्ध शुरू हुए 81 दिन से अधिक हो चुके हैं, जिससे भारत के आयात पर असर पड़ा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने आम जनता को ध्यान में रखते हुए सही कदम उठाए हैं और देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है।उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बनी हुई है। देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं ताकि घरेलू मांग को पूरा किया जा सके। साथ ही एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं और फिलहाल रोजाना 45 से 46 हजार टन एलपीजी का उत्पादन हो रहा है।सुजाता शर्मा ने बताया कि कुछ क्षेत्रों और पेट्रोल पंपों पर ईंधन की खरीदारी बढ़ी हुई देखी गई है। इसके पीछे कृषि सीजन के दौरान मांग बढ़ना और थोक डीजल की खरीद का खुदरा बाजार की ओर शिफ्ट होना प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी तेल कंपनियां कम कीमत पर ईंधन बेच रही हैं, जबकि निजी कंपनियों के दाम अधिक होने के कारण उपभोक्ताओं का रुझान सरकारी पेट्रोल पंपों की ओर बढ़ा है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में पर्याप्त स्टॉक और सप्लाई मौजूद है तथा मांग के अनुसार हर पेट्रोल पंप तक आपूर्ति पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। एलपीजी सप्लाई को भी सामान्य बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में 1 करोड़ 37 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है।सरकार ने जमाखोरी और अनियमितताओं पर सख्ती भी दिखाई है। पिछले तीन दिनों में 112 पेट्रोल पंपों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 35 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर पेनल्टी लगाई गई है और एक को सस्पेंड कर दिया गया है।अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि पैनिक खरीदारी से बचें, क्योंकि देश में पर्याप्त भंडारण और आपूर्ति उपलब्ध है। साथ ही जहां तक संभव हो ऊर्जा बचाने का भी आग्रह किया।

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