तेजस्वी को हिरासत में लेने के बाद छोड़ा गया,समर्थकों से आरजेडी दफ्तर जाने की अपील

बिहार में पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और बेरोजगारी के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकला आरजेडी का राजभवन मार्च पुलिस कार्रवाई के बाद हंगामे में बदल गया। जेपी गोलंबर से शुरू हुए मार्च में तेजस्वी यादव के साथ बड़ी संख्या में आरजेडी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग पार करने के बाद इनकम टैक्स चौराहे पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद तेजस्वी यादव को हिरासत में लिया गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।तेजस्वी यादव के रिहा होने के बाद आरजेडी की ओर से समर्थकों से राजभवन जाने के बजाय पार्टी कार्यालय जाने की अपील की गई। हालांकि, इनकम टैक्स चौराहे पर आरजेडी समर्थक अब भी डटे हुए हैं।

मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में जुटी है। आरजेडी के एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने जिला प्रशासन से बैरिकेडिंग हटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनका मार्च इनकम टैक्स चौराहे तक ही था और अब सभी लोग शांतिपूर्ण तरीके से आरजेडी कार्यालय जाना चाहते हैं।राजभवन मार्च की शुरुआत पटना के जेपी गोलंबर से हुई थी। मार्च में आरजेडी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। तेजस्वी यादव अपने समर्थकों के साथ बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए।इसके बाद इनकम टैक्स चौराहे पर पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के बाद तेजस्वी यादव को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने के दौरान उन्होंने कहा कि वह जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं। तेजस्वी ने कहा, “हमारे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी जेल में ही हुआ था।

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