बढ़ती प्रदूषण से कोर्ट भी चिंतित,जहरीली हवा का दिखने लगा कहर
देश की राजधानी में मौसम की खराब हालत और बिगड़ते एक्यूआई को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने बार के सदस्यों और लोगों को सलाह दी है कि वे शीर्ष अदालत के सामने लिस्टेड मामलों के लिए, जहां भी आसान हो, हाइब्रिड मोड में पेश हों. सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की तरफ से जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि यह एडवाइजरी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के निर्देश पर जारी की गई है, जिसमें अगर सुविधा हो तो वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल करने की अपील की गई है.

यह सर्कुलर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन, सभी नोटिस बोर्ड और दूसरी संबंधित अथॉरिटी को बड़े पैमाने पर प्रसारित करने के लिए भेजा गया है. इस महीने की शुरुआत में, सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने दिल्ली की जहरीली हवा पर गहरी चिंता जताई थी और यह साफ कर दिया था कि वह “मूकदर्शक” नहीं रह सकती, जबकि राष्ट्रीय राजधानी के लाखों लोग प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं.