राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के दौरान पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने बताया कि जैसे ही मामले की जानकारी मिली. उन्होंने तत्काल सक्रिय होकर संदिग्धों की पहचान कराई. उन्हें पकड़वाने में सहयोग किया और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित कराई. बता दें कि इस मामले में 25 जून को पहली FIR दर्ज की गई थी.सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में चंपत राय ने यह भी स्वीकार किया कि चढ़ावे की व्यवस्था में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसकी नैतिक जिम्मेदारी उनकी थी. हालांकि उन्होंने कहा कि टिन्नू यादव लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था और उस पर भरोसा किया गया था. उसके इस तरह की हरकत में शामिल होने की उम्मीद किसी को नहीं थी.

जांच के दौरान पुलिस ने यह भी पूछा कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों को काम पर रखने की प्रक्रिया कैसे हुई. इस पर चंपत राय ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से उन्हें अवसर दिया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल उनका व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों की भी इसमें भूमिका रही.इस संदर्भ में उन्होंने ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव का भी उल्लेख किया. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी और पुलिस अब चंपत राय के बयान के साथ अन्य साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है.अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कल यानी सोमवार को सभी 8 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. टिन्नू समेत सभी 8 आरोपी 13 जुलाई को अब कोर्ट में पेश किए जाएंगे. इससे पहले इन सभी आरोपियों के घर पर छापेमारी की गई थी. इस दौरान उनके पास से कई चीजें बरामद हुईं. पुलिस ने कुछ ज्वैलरी, कैश और कई तरह के कागजात बरामद किए थे.