झारखंड में JPSC-JSSC की परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता समेत कई मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. आज (रविवार, 9 अगस्त) इस आंदोलन का 16वां दिन है. आज फिर एक बार आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच फिर बातचीत होगी. इससे पहले दो बार प्रदर्शन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शनिवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई लेकिन इसमें कोई नतीजाा नहीं निकला. यह वार्ता भी छात्रों की मांगों पर बिना किसी अंतिम फैसले के समाप्त हो गई थी.सरकार की ओर से गठित वार्ता समिति के एक सदस्य ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की जाएगी. इसके बाद सरकार आगे का फैसला ले सकती है. छात्रों की सभी मांगों की जानकारी वार्ता समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दे दी है.ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री को छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में सामने आई मांगों और उनके रुख से अवगत कराया गया. बैठक में तय हुआ कि रविवार को छात्रों के साथ अंतिम दौर की बातचीत की जाएगी. सरकार की ओर से गठित समिति में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के अलावा मंत्री संजय प्रसाद यादव भी शामिल हैं. बैठक में मंत्री चमरा लिंडा और सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे. संजय प्रसाद यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ आगे बातचीत करने का निर्णय लिया गया है.छात्रों की मुख्य मांग झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की है. छात्रों का कहना है कि 14वीं JPSC परीक्षा में हुई धांधली की जांच केवल CID से न कराकर CBI और प्रवर्तन निदेशालय से कराई जाए, क्योंकि अभ्यर्थियों को केवल CID जांच पर भरोसा नहीं है.

इसके साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की भी मांग की जा रही है. छात्रों का कहना है कि मामले के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए, जिससे तय समय सीमा के भीतर सुनवाई पूरी कर न्याय मिल सके. वहीं छात्रों का कहना है कि टीडीपीएल द्वारा आयोजित परीक्षाएं रद्द हों.उनकी मांग है कि विवादित एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए. टीडीपीएल कंपनी को ब्लैकलिस्ट में डाला जाए और भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शी और भरोसेमंद कंपनियों के माध्यम से कराई जाएं.इसके अलावा छात्रों की मांग है कि JPSC-JSSC उन सभी अधिकारियों को तुरंत पद से हटाया जाए जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं. इसके साथ ही उनकी जगह साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों को नियुक्त किया जाए.शनिवार (8 अगस्त) को JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच (देवेंद्रनाथ महतो गुट) के सदस्यों और सरकार द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत थी, हालांकि इसका कोई नतीजा नहीं निकला. महतो का अनशन इस मुद्दे को लेकर सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है. रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस रांची में छात्र प्रतिनिधिमंडल और सरकार द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी.JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से भी पूछताछ की गई है. अधिकारियों के मुताबिक, 28 जुलाई से अब तक उनसे चार बार पूछताछ हो चुकी है।अब सभी की नजर रविवार को होने वाली बातचीत पर है. माना जा रहा है कि सरकार और छात्रों के बीच इस बैठक में कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है, यह काफी हद तक इसी बातचीत पर निर्भर करेगा. छात्रों ने मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का भी ऐलान किया है कर चुके हैं.इस बीच जयपाल सिंह स्टेडियम रांची में पिछले 8 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक रात 3 बजे में बिगड़ गई. डॉक्टरों ने उनके शरीर में जल की भारी कमी (डिहाइड्रेशन), ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर में बड़ी गिरावट दर्ज की है.फिलहाल वो डॉक्टरों की देखरेख में हैं और उनका सलाईन के माध्यम से उपचार जारी है. आधी रात को SP, ADM, SDO, CO एवं स्थानीय थाना प्रभारी महोदय ने धरना स्थल पर पहुंचकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य एवं स्थिति की जानकारी ली.