मिडिल ईस्ट में जंग ईरान और इजरायल अमेरिका के बीच हो रही है, लेकिन भारत पर इसका ट्रिपल अटैक हुआ है. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, प्रीमियम पेट्रोल और विमान ईंधन के दाम एक फिर बढ़ गए हैं. मिडिल ईस्ट संकट के बीच यह दूसरी बार रहै, जब इन तीनों के दामों में इजाफा हुआ है. जैसे-जैसे ये जंग आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पूरी दुनिया के सामने ऊर्जा संकट बढ़ रहा है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से गैस और कच्चे तेल की सप्लाई में दिक्कत हो रही है. इसकी वजह से कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहें है. दुनिया के कई देशों में गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों भारी इजाफा हुआ है. भारत में कमर्शियल एलपीजी गैस, प्रीमियम पेट्रोल और एटीएफ के दाम युद्ध के बीच अब तक दो बार बढ़ चुके हैंफाइनेंशियल ईयर के पहले दिन ही लोगों को महंगाई का झटका लगा है. मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं. सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों (आयल पीएसयूएस) ने आज, यानी 1 अप्रैल से अपने 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की है. अब दिल्ली में इस सिलेंडर का दाम बढ़ कर 1883 रुपये से बढ़कर 2078.50 रुपये हो गया है. कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 1 मार्च को 1768.50 रुपये थे, जो 7 मार्च को बढ़कर 1883 रुपये हो गए थे. इसके बाद अब 195.50 रुपये बढ़कर 2078.50 हो गए हैं. यानी 1 मार्च से अब तक 310 की कुल बढ़ोतरी हो चुकी है. जानकारी के अनुसार, कोलकाता में आज से 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2208.00 रुपये, मुंबई में 2031.00 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये हो गई है.घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। घरेलू एलपीजी के दामों में 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है. हालांकि, कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि होटल और रेस्टोरेंट संचालक खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा सकते हैं. इसका मतलब है कि होटल या बाहर खाना महंगा हो सकता है.वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के कारण विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) या विमान ईंधन की कीमत बुधवार को बढ़ाकर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से अधिक कर दी गई, लेकिन तेल मार्केटिंग कंपनियों ने ATF की कीमतों पर चंद घंटों के भीतर यू-टर्न ले लिया है. पहले जहां कीमतें 100 फीसदी से ज्यादा बढ़ा दी थी, अब सरकार के हस्तक्षेप के बाद उसे महज 8.5 फीसदी कर दिया गया है.

तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पहले ATF के दाम 96 हजार से बढ़ाकर 2.7 लाख रुपये/किलोलीटर कर दिया था, इसे अब 1.04 लाख रुपये/लीटर के करीब कर दिया है. दिल्ली में ATF की कीमतें 1,04,927 रुपये/लीटर, कोलकाता में ATF की कीमतें 1,09,450 रुपये/लीटर, चेन्नई में ATF की कीमतें 1,09,873 रुपये/लीटर, जबकि मुंबई में ATF की कीमतें अब महज 98,247 रुपये/लीटर होगी. पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल को देखते हुए सरकार एवं सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने संतुलित बढ़ोतरी का तरीका अपनाया है. सूत्रों के अनुसार, विदेशी विमानन कंपनियों और अन्य संचालकों को बाजार आधारित पूरी कीमत देनी होगी, जबकि घरेलू विमानन कंपनियों के लिए कीमतों को नियंत्रित रखा गया है, ताकि घरेलू हवाई यात्रा महंगी न हो.इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) ने प्रीमियम ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. 100 ऑक्टेन पेट्रोल (XP100 पेट्रोल) की दिल्ली में कीमत 149 रुपये से बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. वहीं, प्रीमियम डीजल ‘एक्स्ट्रा ग्रीन’ के दाम 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. ये दरें IOCL के आउटलेट्स पर लागू हैं. तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह फैसला लिया है.प्रीमियर पेट्रोल के दाम कुछ दिनों पहले ही (20 मार्च को) मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण बढ़े थे. प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.30 रुपये का इजाफा किया गया था. नॉर्मल पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया था. मिडिल ईस्ट में जंग शुरू होने से अब तक यह दूसरी बढ़ोतरी है. अमेरिका पीछे हटने को तैयार, इजरायल आक्रामक… क्या ईरान युद्ध में अकेले पड़ रहे नेतन्याहू?अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ईरान में अपने मकसद को हासिल करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. रुबियो ने कहा, “हम अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और अपने सभी उद्देश्यों को पूरा करने में निर्धारित समय से आगे हैं. हमें मंजिल नजर आ रही है. हमारी सेना असाधारण दक्षता के साथ अपने उद्देश्यों को हासिल कर रही है, जो मुझे लगता है कि आधुनिक समय के सबसे सफल सामरिक सैन्य अभियानों में से एक के रूप में इतिहास में दर्ज होगा.” मार्को रुबियो के बयान से ये संकेत मिल रहे हैं कि ये जंग अभी कुछ दिनों तक और चल सकती है. अगर ऐसा हुआ, तो दुनियाभर के देशों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. बदले-बदले ट्रंप के सुर: न होर्मुज खुला, न ईरान झुका… फिर क्यों पीछे हट रहा अमेरिका?