रांची की एक स्पेशल PMLA कोर्ट ने सोमवार को जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया 24 सितंबर तक टाल दी. कोर्ट ने मामले की सुनवाई दोपहर 3.30 बजे तय की, क्योंकि सर्वर में गड़बड़ी की वजह से हुई टेक्निकल दिक्कत की वजह से हेमंत वर्चुअली पेश नहीं हो सके. कोर्ट ने उन्हें आरोप तय करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्रवाई में शामिल होने का निर्देश दिया था. उन्होंने कार्रवाई टालने की भी मांग की थी. एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने उनकी याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह ट्रायल में देरी करने की कोशिश है. कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, लेकिन मुख्यमंत्री के वर्चुअली पेश न होने की वजह से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी.रांची की विशेष PMLA अदालत में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले (ECIR 06/2023) में सुनवाई हुई. मामले में आरोप तय किए जाने थे, लेकिन सुनवाई के दौरान सोरेन की ओर से फिर एक बार सुनवाई टालने की मांग की गई.सोरेन की ओर से दलील दी गई कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है, इसलिए फिलहाल आरोप तय करना जल्दबाजी होगी. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने यह अर्जी खारिज कर दी.अदालत ने कहा कि सिर्फ आगे की जांच लंबित होने से मुकदमे की कार्रवाई रोकना जरूरी नहीं है. PMLA की धारा 44 के तहत आगे की जांच या बाद में सप्लीमेंट्री शिकायत दाखिल की जा सकती है. सुनवाई के दौरान सोरेन की ओर से यह भी कहा गया कि 24 जून 2025 के अदालत के आदेश के बावजूद ED ने उन दस्तावेजों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है,

जिन पर जांच एजेंसी भरोसा नहीं कर रही है.इस पर ED के विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि अदालत के निर्देश का पालन पहले ही किया जा चुका है. सोरेन के वकील ने डिस्चार्ज याचिका दाखिल करते समय इस सूची को प्राप्त भी किया था. हालांकि, जरूरत पड़ने पर ED अगली तारीख पर सूची दोबारा उपलब्ध कराने को तैयार है. इस बीच Jio का सर्वर डाउन होने के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी संभव नहीं हो सकी.इसके चलते अदालत ने मामले की सुनवाई और हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने की कार्रवाई के लिए अगली तारीख 24 सितंबर 2026 को दोपहर 3:30 बजे तय की है.