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क्या SIR से विपक्षी पार्टियों के वोट बैंक में हो रही है सेंधमारी?फाइनल आंकड़ों में जानें लेखाजोखा

क्या SIR से विपक्षी पार्टियों के वोट बैंक में हो रही है सेंधमारी?फाइनल आंकड़ों में जानें लेखाजोखा
  • PublishedApril 14, 2026

उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 46 मुस्लिम बहुल (उर्दू-भाषी) विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची से नाम हटाने की दर पूरे राज्य के औसत से कम रही है. इन क्षेत्रों में मतदाता जोड़ने की दर भी थोड़ी ज्यादा दर्ज की गई है. इनमें से ज्यादातर सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या है.चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार इन 46 विधानसभा क्षेत्रों में औसत मतदाता हटाने की दर 12.7 प्रतिशत रही, जबकि पूरे उत्तर प्रदेश में यह औसत 13.24 प्रतिशत है. इन 46 विधानसभा क्षेत्रों से कुल 26.33 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए. वहीं पूरे राज्य में कुल 2.04 करोड़ मतदाता सूची से हटाए गए. 6 जनवरी 2026 के बाद शुरू हुए मतदाता सूची संशोधन दावे, आपत्तियां, सुनवाई और सत्यापन के दौरान इन उर्दू-भाषी क्षेत्रों में मतदाता जोड़ने की दर भी राज्य औसत से बेहतर रही. यहां औसत 6.91 प्रतिशत मतदाता जोड़े गए, जबकि पूरे उत्तर प्रदेश का औसत 6.71 प्रतिशत रहा. इन 46 क्षेत्रों में कुल 11.79 लाख नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया.पूरे राज्य में इस दौरान 84.28 लाख मतदाता जोड़े गए. 10 अप्रैल 2026 तक उत्तर प्रदेश की कुल मतदाता संख्या 13.39 करोड़ पहुंच गई है. चुनाव आयोग द्वारा उर्दू-भाषी के रूप में चिन्हित इन 46 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं की तुलनात्मक रूप से ज्यादा संख्या होने के बावजूद मतदाता हटाने की प्रक्रिया राज्य औसत से कम रही.उत्तर प्रदेश की कई मुस्लिम-बहुल विधानसभा सीटों पर मतदाता सूची में काफी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. 10 अप्रैल 2026 की अंतिम मतदाता सूची की तुलना 27 अक्टूबर 2025 की प्री-SIR सूची से करने पर पाया गया कि इन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या औसत से ज्यादा घटी है. खासकर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और लखनऊ के कुछ इलाकों में यह गिरावट 15 से 29 प्रतिशत तक पहुंच गई है.सबसे ज्यादा गिरावट लखनऊ सेंट्रल में 28.88 प्रतिशत, मेरठ कैंट में 27.79 प्रतिशत, बरेली कैंट में 25.95 प्रतिशत, आर्य नगर कानपुर में 25.80 प्रतिशत, बरेली में 25.10 प्रतिशत और शाहजहांपुर में 24.32 प्रतिशत रही.

इनके अलावा मेरठ साउथ में 23.19 प्रतिशत, अलीगढ़ में 21.81 प्रतिशत, बहराइच में 21.87 प्रतिशत, मुरादाबाद रूरल में 18.73 प्रतिशत, चंदौसी में 18.86 प्रतिशत, रामपुर में 18.54 प्रतिशत और बदायूं में 18.10 प्रतिशत की कमी देखी गई. लखनऊ वेस्ट में भी 18.60 प्रतिशत और सहारनपुर नगर में 15.99 प्रतिशत मतदाता कम हुए. मुजफ्फरनगर में 16.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई. संभल में 2,27,255 (14.47) वोटर्स कम हुए.स्वार में 29270, कुंदरकी में 19,146, अमरोहा में 1,22,263 वोट कम हुए हैं. खलीलाबाद 61,496, टांडा 30,692, सीसामऊ में 50558 वोट कम हुए हैं. पीलीभीत में 35880, शाहजहांपुर में 106061 मतदाता कम हुए हैं. नगीना में 29678, असमोली में 27319 वोटर्स कम हुए हैं. इसके साथ ही गंगोह 46072, मेरठ दक्षिण 118280 मतदाता कम हुए हैं. इसके अलावा नौगंवा सदात में 22574, कैराना में 24541, ठाकुरद्वारा में 24181 मत कम हुए हैं. उत्तर प्रदेश की ये वह विधानसभा सीटों का प्रतिशत है जहां पर 30 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम मतदाता हैं. बताया जाता है कि इन क्षेत्रों में कई सीटों पर मुस्लिम वोटर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं.

Written By
Aagaaz Express

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