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आज से बदल गए ये 7 बड़े नियम,जानिए कैसे जनता के जेब पर पड़ेगा सीधा प्रभाव?

आज से बदल गए ये 7 बड़े नियम,जानिए कैसे जनता के जेब पर पड़ेगा सीधा प्रभाव?
  • PublishedMay 1, 2026

बिहार में कैबिनेट के विस्तार का इंतजार है. 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उसी दिन जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. अभी जितने भी विभाग हैं इन्हीं तीन लोगों में बांटे गए हैं. अब कैबिनेट विस्तार की चर्चा हो रही है तो माना जा रहा है कि 4 मई के बाद ये कभी भी हो सकता है. संभावित तिथि 6 और 8 मई है.बिहार में मुख्यमंत्री सहित कुल 36 मंत्रियों का कोटा है. सूत्रों की मानें तो एनडीए के सभी पांच दल के लिए फॉर्मूला तय हो चुका है. जेडीयू और बीजेपी का कोटा बराबर-बराबर रहेगा. बीजेपी से मुख्यमंत्री सहित 16 मंत्री तो जेडीयू से दोनों उपमुख्यमंत्री सहित 16 मंत्री रहेंगे. यानी बीजेपी से 15 और जेडीयू से 14 चेहरे भविष्य में मंत्री बनेंगे. इसके साथ ही पुराने फॉर्मूले के अनुसार चिराग पासवान की लोजपा रामविलास से दो मंत्री बनेंगे. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (रालोमो) से एक और जीतन राम मांझी की पार्टी से एक मंत्री बनाया जाएगा.जेडीयू में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है. ज्यादातर पुराने चेहरे कैबिनेट में रह सकते हैं. कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है. बीजेपी में भी कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है.जो संभावित चेहरे हैं उसमें जेडीयू से दोनों उपमुख्यमंत्री के आलावा श्रवण कुमार, लेशी सिंह, अशोक चौधरी, जमा खान, शीला मंडल, सुनील कुमार, मदन सहनी, रत्नेश सदा, भगवान सिंह कुशवाहा, जयंत राज, ये लोग मंत्री बन सकते हैं. ये सभी पहले भी मंत्री रहे हैं. दूसरी ओर चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत की टीम से आने वाले कुछ विधायक भी मंत्री बन सकते हैं. इसमें चेतन आनंद जैसे युवा चेहरों का भी नाम है.बीजेपी में पुराने चेहरे के साथ-साथ नए चेहरे को ज्यादा मौका मिलने का संकेत दिख रहा. पार्टी जातीय संतुलन, अनुभव और युवा नेतृत्व को ध्यान में रखकर नाम तय कर सकती है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने संकेत दिया है कि मंत्रिमंडल संतुलित होगा और युवाओं व महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. जो संभावित चेहरे हैं उनमें विजय सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह ‘टाइगर’ का नाम है. आरएलएम से दीपक प्रकाश फिर से मंत्री बन सकते हैं. इसकी पूरी संभावना है. चिराग पासवान अपनी पार्टी से संजय पासवान और संजय सिंह को दोबारा मौका दे सकते हैं. जीतन राम मांझी की पार्टी हम की ओर से संतोष सुमन का नाम लगभग तय है।पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की कथित नाराजगी और भूमिहार समाज में उठ रहे असंतोष को देखते हुए पार्टी कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला ले सकती है। हाल की घटनाओं पर नजर डालें तो ऐसा लग रहा है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। भूमिहार समाज भी भाजपा पर अपने नेता की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं। पिछले दो दिनों में विजय सिन्हा के करीबी आईएएस अधिकारी सीके अनिल और गोपाल मीणा के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तबादले ने काफी बातें स्पष्ट कर दी हैं। सोशल मीडिया पर विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी के बीच नोंकझोंक के पुराने वीडियो वायरल होने लगे। चर्चा होने लगी कि विजय सिन्हा अब किनारे कर दिए जाएंगे। तेजस्वी यादव ने भी विधानसभा में कहा कि विजय सिन्हा की नजर सम्राट चौधरी की पगड़ी पर है। हालांकि, आखिरी फैसला दिल्ली दरबार में बैठे आलाकमान को ही लेना है।अब वहीं से सारा कुछ तय होगा। भाजपा के कई एमएलसी का कार्यकाल अब सीमित समय के लिए ही बचा है, जिससे उनकी दावेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर इन नेताओं को मंत्री बनाया जाता है तो कुछ ही महीनों बाद फिर से कैबिनेट में बदलाव करना पड़ेगा, जो सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकती है। भाजपा कोटे से मंत्री रहे प्रमोद कुमार और जनक राम का कार्यकाल सीमित बचा है। वहीं हरि सहनी और संतोष सिंह के पास भी करीब 11 महीने का ही कार्यकाल शेष है। ऐसे में पार्टी इन नामों पर दोबारा विचार कर सकती है। इसी बीच पूर्व मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। वह भी एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं बचा है। उनके राजनीतिक कद को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी उन्हें दोबारा मंत्री बना सकती है और आगे चलकर फिर से विधान परिषद भेजने की रणनीति अपना सकती है।मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की जिंदगी से जुड़े कई बड़े नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का असर सीधे आपकी जेब, रोजमर्रा के खर्च और बैंकिंग से जुड़े कामों पर पड़ेगा। गैस सिलेंडर की कीमत से लेकर ATM से पैसे निकालने और UPI पेमेंट तक कई चीजें अब पहले जैसी नहीं रहेंगी।

आज से नए महीने की शुरुआत हो गई है और इसी के साथ आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव आया है। 1 मई 2026 से लागू हुए ये बदलाव न केवल आपकी बैंकिंग आदतों को प्रभावित करेंगे, बल्कि आपकी रसोई के बजट और सुरक्षा मानकों पर भी सीधा असर डालेंगे। रेलवे की टाइमिंग से लेकर गैस सिलेंडर की डिलीवरी तक, यहाँ जानें वो 7 बड़े बदलाव जो आज से प्रभावी हो गए हैं।महीने के पहले ही दिन आम आदमी को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में करीब ₹993 की भारी बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है, लेकिन कमर्शियल गैस महंगी होने से बाहर खाना-पीना महंगा हो सकता है।अब गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी का तरीका पूरी तरह बदल गया है। चोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए अब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) अनिवार्य कर दिया गया है। अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे डिलीवरी बॉय को दिखाए बिना आपको सिलेंडर नहीं मिलेगा।RBI द्वारा इंटरचेंज फीस बढ़ाने को मंजूरी देने के बाद बैंकों ने ATM इस्तेमाल से जुड़े नियम भी कड़े किए हैं। एचडीएफसी बैंक और बंधन बैंक जैसे बैंकों ने UPI के जरिए कैश निकासी को भी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल किया है। तय सीमा (आमतौर पर 5 ट्रांजैक्शन) के बाद हर एक्स्ट्रा ट्रांजैक्शन पर ₹23 का शुल्क लगेगा, जबकि कम बैलेंस के कारण फेल ट्रांजैक्शन पर लगभग ₹25 का चार्ज देना होगा।डिजिटल पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए अब UPI लेनदेन में सख्ती बढ़ाई जा रही है। 1 मई से इसमें टू-स्टेप वेरिफिकेशन लागू किया जा सकता है। यानी अब सिर्फ PIN डालना ही काफी नहीं होगा, बल्कि बायोमेट्रिक या किसी अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन की जरूरत पड़ सकती है। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी।सरकार ने हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर ₹33 प्रति लीटर की ड्यूटी निर्धारित की है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, क्योंकि तेल कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठाने का फैसला किया है। इससे हवाई किराए स्थिर रहने की उम्मीद है।आज से SBI समेत कई बड़े बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट स्ट्रक्चर और यूटिलिटी बिल पेमेंट के नियमों में बदलाव किया है। अब रेंट पेमेंट या बिजली बिल के भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स को या तो कम कर दिया गया है या उन पर एक्स्ट्रा ट्रांजैक्शन चार्ज लगा दिया गया है।1 मई से ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में नए नियम लागू होंगे। अब गेमिंग को तीन हिस्सों मनी गेम्स, सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स में बांटा जाएगा। जिन गेम्स में पैसे लगते हैं, उनके लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और उन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

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Aagaaz Express

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