पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने की लाठीचार्ज,धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कर रहे थे मांग
पटना में प्रस्तावित राजभवन मार्च से पहले गांधी मैदान गेट संख्या-10 पर छात्र-छात्राओं का जुटना शुरू हो गया है. इस दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया है. इससे छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है.बता दें कि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में पटना विश्वविद्यालय समेत राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि यहां पहुंचे हैं. 12 बजे राजभवन के लिए मार्च निकाला जाना था, लेकिन उससे पहले ही सभी को गांधी मैदान में रोक दिया गया, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.इस दौरान आइसा कार्यकर्ता और पुलिस के बीच झड़प हुई है. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन की बौछार की है. आयोजकों का दावा है कि जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा, प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या और बढ़ेगी. सुबह से ही गांधी मैदान गेट संख्या-10 पर छात्रों की आवाजाही लगातार जारी है. कई छात्र अपने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे हैं, जिन पर शिक्षा में भ्रष्टाचार, पेपर लीक, फीस वृद्धि और निजीकरण के विरोध में नारे लिखे गए हैं.

प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. आइसा का कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है. इसी के विरोध में बिहार के छात्र-युवा राजधानी पटना में राजभवन मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे. प्रदर्शन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ भी आवाज बुलंद की जाएगी।