Blog

विपक्षी नहीं बल्कि सत्ताधारी विधायकों के सवाल से घिरे NDA सरकार के मंत्री,सदन में नहीं दे पा रहे है उचित जवाब

विपक्षी नहीं बल्कि सत्ताधारी विधायकों के सवाल से घिरे NDA सरकार के मंत्री,सदन में नहीं दे पा रहे है उचित जवाब
  • PublishedJuly 22, 2026

तेजस्वी यादव की गैर-मौजूदगी और संख्याबल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सामने कमजोर विपक्ष के कारण इस मानसून सत्र में अजीब स्थिति भी नजर आ रही है। सत्ताधारी दलों के विधायक ही सत्तासीन मंत्रियों को घेर रहे हैं। कसकर घेर रहे हैं। ऐसे कि कोई काम होने की मियाद लंबी देने पर विधानसभा अध्यक्ष को आगे आकर कहना पड़ रहा कि वह गारंटी देते हैं कि इस बार काम हो जाएगा। आइए, जानते हैं कि बिहार विधानसभा के दो ऐसे रोचक वाकये कैसे दिखे।विधानसभा में लोक जनशक्ति पार्टी के विधायक राजू तिवारी ने पूर्वी चंपारण जिला परिषद की दुकानों के आवंटन प्रक्रिया का मुद्दा उठाया। उन्होंने पंचायती राज विभाग से पूछा कि क्या यह सही है कि जिला परिषद, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) द्वारा विभिन्न स्थानों पर निर्मित दुकानों के आवंटन के लिए जारी आम सूचना (PR No. 005771 (B&C) 2026-27) में दुकानों की संख्या, क्षेत्रफल, आरक्षित मूल्य और आवंटन के मानदंडों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया, जिससे आवेदकों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि यह तथ्य सही है तो आवंटन प्रक्रिया की जांच कराकर सभी आवश्यक विवरणों और पारदर्शी शर्तों के साथ संशोधित सूचना दोबारा प्रकाशित की जाए, अन्यथा सरकार इसका कारण स्पष्ट करे। साथ ही पूरे मामले को पारदर्शी बनाने के लिए प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाए।मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि इस मामले की जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद विधायक राजू तिवारी ने कहा कि अब तक दो बार रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। इस पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि “अब काम हो जाएगा। मंत्री इसे दिखवा लें और ऑफलाइन के साथ सारी प्रक्रिया ऑनलाइन भी कर दें।” उन्होंने विधायक राजू तिवारी को आश्वासन दिया कि “अब मैं गारंटी लेता हूं कि काम हो जाएगा।”बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में तेघड़ा से विधायक रजनीश कुमार ने बेगूसराय जिले के तेघड़ा प्रखंड के किसानों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पथ निर्माण विभाग से पूछा कि क्या यह सही है कि मधुरापुर, दुलारपुर, आधारपुर, बजलपुरा समेत कई गांवों के किसानों की हजारों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि गंगा नदी के पार स्थित है और हर वर्ष उन्हें तैयार फसल व पशुचारा नाव के सहारे नदी पार कर घर लाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई किसान नाव दुर्घटनाओं का शिकार होकर जान-माल का नुकसान भी उठाते हैं। विधायक ने सरकार से मांग की कि किसानों और आम जनता की सुविधा को देखते हुए रबी फसल के मौसम में गंगा नदी पर पीपा पुल का निर्माण कराया जाए। साथ ही पूछा कि यदि सरकार इस पर सहमत है तो यह कार्य कब तक पूरा होगा, अन्यथा इसका कारण क्या है?निर्माण विभाग के मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी किसानों के हित में हमेशा काम करते हैं। उन्होंने रजनीश कुमार की शिकायत पर स्थल निरीक्षण भी करवाया था। अभी तो बरसात का मौसम है, लेकिन वे वादा करते हैं कि अगले मानसून से पहले वहां पर पीपा पुल का निर्माण हो जाएगा।

Written By
Aagaaz Express

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *