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CJI ने लिया बड़ा फैसला,कोर्ट में कागज फेंकने वाले शख्स पर नहीं होगा कार्रवाई

CJI ने लिया बड़ा फैसला,कोर्ट में कागज फेंकने वाले शख्स पर नहीं होगा कार्रवाई
  • PublishedJuly 11, 2026

सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट की बेंच के समक्ष कागज फेंकने और गाली देने वाले याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाने का फैसला लिया है. जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के समक्ष एक याचिकाकर्ता ने ऐसा किया था, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी उसे हिरासत में लेकर कोर्टरूम से बाहर चले गए थे. सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार की ओर से इस याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जा सकती थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाने का निर्णय लिया गया.सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है. ऐसे में कदम उठाए जाने से संबंधित व्यक्ति अपने मकसद में कामयाब हो जाएगा. रजिस्ट्रार की ओर से जब सीजेआई को इस घटना के बारे में सूचित किया गया तो उन्होंने भी इस मामले में आगे कोई कदम नहीं उठाने का निर्देश दिया.दरअसल, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक वकील ने हंगामा किया. वकील ने कोर्ट में अपशब्द कहे और कोर्टरूम में केस की फाइल फेंक दी. उस समय चीफ जस्टिस सूर्यकांत कोर्टरूम में मौजूद नहीं थे. जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिकाकर्ता बिना किसी वकील के खुद ही अपना केस लड़ रहा था.सुनवाई के दौरान, उसने खुद को “संप्रभु” बताया, केस की फाइल के कागज हवा में उछाल दी. याचिकाकर्ता के इस व्यवहार से कोर्टरूम में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे कोर्टरूम से बाहर निकाल दिया.

जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, पिटीशनर ने कहा, “योर ऑनर, मैं आपको लखनऊ के ACP के खिलाफ FIR रजिस्टर करने का आदेश देता हूं.” जस्टिस केवी विश्वनाथन ने हैरानी जताई और पूछा, “क्या आप मुझे आदेश दे रहे हैं?”पिटीशनर ने जवाब दिया, “मेरी तरफ से बस इतना ही, सब कुछ रिकॉर्ड में है.” फिर उसने केस फाइल हवा में फेंक दी और गाली-गलौज करने लगा. सिक्योरिटी वालों ने तुरंत बीच-बचाव किया और उसे कोर्टरूम से बाहर ले गए.

Written By
Aagaaz Express

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