ट्रंप के तूफान से ग्लोबल मार्केट पस्त,भारतीय शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को अमंगल हो गया. शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 800 अंकों का गोता लगाकर 82,504 के स्तर पर आ गया. वहीं, निफ्टी भी संभल नहीं पाया और 25,500 के अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ते हुए 25,482 पर फिसल गया. इस अचानक आई गिरावट ने आम निवेशकों के पोर्टफोलियो को लाल निशान में धकेल दिया है. एक झटके में निवेशकों के 4.23 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो गया है. पिछले दो दिनों से बाजार में जो रौनक दिख रही थी, वह चंद घंटों में पूरी तरह से गायब हो गई. सुबह 11 बजे तक सेंसेक्स 800 अंक टूट चुका था और निफ्टी में भी 230 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई. छोटे और मझोले शेयरों में भी भारी बिकवाली का दबाव दिखा, जहां निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब आधा प्रतिशत तक लुढ़क गए. सिर्फ मेटल और सरकारी बैंकों को छोड़कर बाजार में हर तरफ निराशा का ही माहौल रहा.बाजार को सबसे गहरा घाव आईटी कंपनियों के शेयरों ने दिया है. दरअसल, हाल ही में अमेरिका की एंथ्रोपिक नामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ने एक बड़ा दावा किया कि उनका नया क्लॉड कोड टूल पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को बेहद कम खर्चे और आसानी से अपडेट करने में सक्षम है. इस खबर के आने के बाद से लगातार आईटी कंपनियों के शेयर टूट रहे हैं।

आज का आलम यह रहा कि सुबह साढ़े नौ बजे तक ही निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी तक धराशायी हो गया.बाजार की इस गिरावट में विदेशी संकेतों का भी बहुत बड़ा हाथ रहा है. एशियाई बाजारों में पहले से ही सुस्ती का माहौल पसरा हुआ था, लेकिन अमेरिका से आई खबरों ने चिंता को और बढ़ा दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ रद्द किए जाने के बावजूद अगर देशों ने नए व्यापार समझौतों से कदम पीछे खींचे, तो वे अन्य व्यापार कानूनों के तहत कड़े टैक्स लगा देंगे।बाजार की इस गिरावट में विदेशी संकेतों का भी बहुत बड़ा हाथ रहा है. एशियाई बाजारों में पहले से ही सुस्ती का माहौल पसरा हुआ था, लेकिन अमेरिका से आई खबरों ने चिंता को और बढ़ा दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ रद्द किए जाने के बावजूद अगर देशों ने नए व्यापार समझौतों से कदम पीछे खींचे, तो वे अन्य व्यापार कानूनों के तहत कड़े टैक्स लगा देंगे।