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उन्होंने पहले ही चेताया था,हमने उनकी बात नहीं मानी,पीएम मोदी के तारीफ में बोले बेल्जियम के पीएम

उन्होंने पहले ही चेताया था,हमने उनकी बात नहीं मानी,पीएम मोदी के तारीफ में बोले बेल्जियम के पीएम
  • PublishedSeptember 5, 2026

भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने मुंबई में आयोजित भारत-बेल्जियम उच्चस्तरीय संवाद के दौरान वैश्विक व्यापार, भारत-यूरोप संबंधों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक चुनौतियों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ देश सोमवार को कोई फैसला लेते हैं, बुधवार को उसे वापस ले लेते हैं और शनिवार को फिर लागू कर देते हैं. उन्होंने पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की, डी वेवर ने भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौते की सराहना करते हुए इसे दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक समझौतों में से एक बताया. कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे. चर्चा का केंद्र बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, समुद्री संपर्क और व्यापार सहयोग रहा.मुंबई में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए बार्ट डी वेवर ने बढ़ते संरक्षणवाद पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, ‘आज अधिक से अधिक आवाजें उठ रही हैं कि व्यापारिक बाधाएं बढ़ाई जाएं, बाजार बंद किए जाएं और टैरिफ लगाए जाएं. कुछ लोग यह पूरी तरह मनमाने तरीके से करते हैं. वे सोमवार को कोई फैसला लेते हैं, बुधवार को उसे रद्द कर देते हैं और शनिवार को फिर लागू कर देते हैं.’

हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका बयान अमेरिकी टैरिफ नीतियों और व्यापारिक फैसलों में बार-बार हुए बदलावों के संदर्भ में देखा जा रहा है.डी वेवर ने कहा कि व्यापारिक चुनौतियां केवल मनमानी नीतियों तक सीमित नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘लेकिन कुछ दूसरे देश अलग तरीका अपनाते हैं और सुनियोजित तथा संरचनात्मक रूप से बाजार को विकृत करने का काम करते हैं.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में नियम-आधारित और भरोसेमंद व्यापार व्यवस्था बेहद जरूरी है.अपने संबोधन के दौरान बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी से मिलना मेरे लिए सम्मान की बात थी. मैं उन्हें दुनिया के सबसे प्रेरणादायक नेताओं में से एक मानता हूं.’ वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम एक अराजक दुनिया में रह रहे हैं. जब आप कई विश्व नेताओं को सुनते हैं तो डर, बेचैनी और असुरक्षा महसूस होती है. लेकिन जब प्रधानमंत्री मोदी बोलते हैं तो लगता है कि हमें वही करना चाहिए जो वे कह रहे हैं. वह एक बुद्धिमान नेता हैं.’फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह डी वेवर की पहली भारत यात्रा है. उनके साथ बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन तथा वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है.डी वेवर ने इस वर्ष संपन्न हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की भी सराहना की. उन्होंने कहा, ‘जनवरी में हमने दुनिया के सबसे व्यापक मुक्त व्यापार समझौतों में से एक को अंतिम रूप दिया. यह सभी समझौतों की जननी है. यह 2 अरब उपभोक्ताओं और दुनिया की एक चौथाई अर्थव्यवस्था वाला बाजार है.’ उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच भरोसे का प्रतीक है. ‘यह विश्वास जताने की इच्छा का प्रतीक है. इससे हमारी अर्थव्यवस्थाएं व्यवधानों और दबावों के खिलाफ अधिक मजबूत बनेंगी. साथ मिलकर हम ज्यादा मजबूत, आत्मविश्वासी और दोनों पक्षों के हित में आगे बढ़ेंगे.’बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और यूरोप के बीच व्यापार तेजी से बढ़ेगा. उन्होंने बेल्जियम के बंदरगाहों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा, ‘हमारे बंदरगाह स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यापार की बुनियाद हैं.’मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौता दोनों क्षेत्रों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा दे सकता है. उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय में जब दुनिया अधिक विभाजित हो रही है, भारत और यूरोप अधिक सहयोग का रास्ता चुन रहे हैं. जब उद्योगों को भरोसेमंद सप्लाई चेन की जरूरत है, तब हम साझेदारी को चुन रहे हैं.’ फडणवीस ने इसे ‘भरोसे का समझौता’ बताते हुए कहा कि बेल्जियम और महाराष्ट्र इस नई आर्थिक साझेदारी के सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल हो सकते हैं.गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक के दौरान भारत और बेल्जियम ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया था. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर एक लेटर ऑफ इंटेंट और रक्षा उद्योग सहयोग से संबंधित एक समझौता भी हुआ. इसके जरिए रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है.

Written By
Aagaaz Express

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