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ग्लोबल साउथ का नेता बनकर उभरा भारत,पीएम मोदी से बैठक के बाद बोले दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति

ग्लोबल साउथ का नेता बनकर उभरा भारत,पीएम मोदी से बैठक के बाद बोले दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति
  • PublishedApril 20, 2026

पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मुलाकात के बाद कहा कि वैश्विक तनाव के इस दौर में भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को खुशी है कि आज दक्षिण कोरिया ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और इंडो-पैसिफिक महासागर पहल से जुड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश संयुक्त प्रयासों के जरिए शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण में योगदान देते रहेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार भी बेहद जरूरी है और इस मुद्दे पर दोनों देशों में सहमति बनी है।उन्होंने कहा कि लगभग सौ वर्ष पहले भारत के महान कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कोरिया को लैम्प ऑफ द ईस्ट कहा था और आज दक्षिण कोरिया विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी केवल दोनों देशों ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून के शासन का सम्मान भारत और दक्षिण कोरिया दोनों देशों के डीएनए में शामिल है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को लेकर भी दोनों देशों की सोच समान है। इन साझा मूल्यों और दृष्टिकोण के आधार पर पिछले एक दशक में भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध अधिक गतिशील और व्यापक बने हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ली की इस यात्रा के साथ दोनों देश अपनी भरोसेमंद साझेदारी को भविष्य उन्मुख साझेदारी में बदलने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि चिप, जहाज प्रतिभा से तकनीक, पर्यावरण से ऊर्जा तक हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को साकार किया जाएगा।पीएम मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार अब 27 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने इसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच वित्तीय प्रवाह को आसान बनाने के लिए इंडिया-कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत की गई है। व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी का गठन भी किया गया है।राष्ट्रपति ली ने कहा कि आज उनकी और प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर गहन चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ भारत ग्लोबल साउथ के नेता के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के तहत भारत उल्लेखनीय विकास हासिल कर रहा है।

Written By
Aagaaz Express

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