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पेट्रोल में इथेनॉल का होना हानिकारक तो नहीं?पुरानी गाड़ियों पर दिख सकता है असर!

पेट्रोल में इथेनॉल का होना हानिकारक तो नहीं?पुरानी गाड़ियों पर दिख सकता है असर!
  • PublishedMay 20, 2026

देश में 1 अप्रैल 2026 से सभी पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल बिक रहा है. सरकार का लक्ष्य इस ब्लेंडेड पेट्रोल को E30 तक लेकर जाना है, जिससे देश की तेल आयात पर निर्भरता कम हो सके. साथ ही इस कदम से प्रदूषण घटेगा और किसानों को भी फायदा मिलेगा. हालांकि लोगों के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या प्रीमियम पेट्रोल में भी रेगुलर पेट्रोल की तरह इथेनॉल मिलाया जाता है. क्या प्रीमियम पेट्रोल भी पुरानी गाड़ियों के लिए नुकसान पहुंचा सकता है?E20 पेट्रोल ऐसा पेट्रोल होता है जिसमें 20% इथेनॉल और 80% सामान्य पेट्रोल मिलाया जाता है. यहां E का मतलब इथेनॉल और 20 का मतलब 20 प्रतिशत ब्लेंडिंग होता है. इथेनॉल एक तरह का जैव ईंधन (Biofuel) है, जिसे गन्ना, मक्का, टूटे चावल और अन्य कृषि उत्पादों से बनाया जाता है.सरकार के नियमों के मुताबिक अब देशभर में बिकने वाले रेगुलर और प्रीमियम दोनों तरह के पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग जरूरी है. इसका मतलब साफ है कि प्रीमियम पेट्रोल भी पूरी तरह इथेनॉल-फ्री नहीं होता. हालांकि, रेगुलर और प्रीमियम पेट्रोल के बीच मुख्य अंतर उनकी ऑक्टेन रेटिंग का होता है.प्रीमियम पेट्रोल में आमतौर पर 95 RON या उससे ज्यादा ऑक्टेन रेटिंग होती है. ज्यादा ऑक्टेन वाला फ्यूल इंजन में बेहतर तरीके से जलता है और नॉकिंग या पिंग की समस्या को कम करता है. इसके अलावा इसमें खास एडिटिव्स और डिटर्जेंट मिलाए जाते हैं, जो इंजन को साफ रखने और कार्बन जमा होने से रोकने में मदद करते हैं.इसी वजह से प्रीमियम पेट्रोल को हाई-परफॉर्मेंस और हाई-कंप्रेशन इंजन वाली गाड़ियों के लिए ज्यादा बेहतर माना जाता है.

इससे गाड़ी की ड्राइविंग ज्यादा स्मूद हो सकती है और इंजन की परफॉर्मेंस भी बेहतर रहती है.ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2023 से पहले बनी कुछ गाड़ियों पर E20 पेट्रोल का असर देखने को मिलता है. ऐसी गाड़ियों का माइलेज लगभग 3 से 7 प्रतिशत तक कम हो सकता है. इसके अलावा इथेनॉल की केमिकल प्रकृति पुराने रबर पाइप, सील और प्लास्टिक पार्ट्स पर असर डाल सकती है.इथेनॉल हवा से नमी खींचने की क्षमता रखता है. इसकी वजह से फ्यूल टैंक में पानी जमा होने और जंग लगने का खतरा बढ़ सकता है. लंबे समय में इसका असर इंजन की परफॉर्मेंस पर भी पड़ सकता है. इसलिए अगर आपकी कार पुरानी है तो वाहन निर्माता कंपनी की सलाह जरूर जांच लें कि आपकी गाड़ी E20 पेट्रोल के लिए तैयार है या नहीं.

Written By
Aagaaz Express

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